इससे पहले इस सप्ताह की शुरुआत में, राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। इस बीच, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि उनकी सरकार ने इसके बेहतर प्रबंधन के लिए एपीपीएससी को सिविल सचिवालय में विलय करने का फैसला किया है।
खांडू ने संवाददाताओं से कहा कि चूंकि आयोग एक स्वतंत्र पिकाय है, इसलिए इसके कुछ नियम और कानून हैं जो राज्य सरकार को इसके मामलों में हस्तक्षेप करने से रोकते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग में बदलाव के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग एपीपीएससी के सिविल सचिवालय में विलय के लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगा। उन्होंने कहा एक बार विलय पूरा हो जाने के बाद, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को उनकी सेवाओं से समाप्त कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि एक उम्मीदवार ने 29 अगस्त को सहायक अभियंता (सिविल) परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच शुरू की थी। 26 और 27 अगस्त को हुई परीक्षा में 400 से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। पुलिस अब तक इस मामले में सरकारी अधिकारियों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।