बेरोजगारी की समस्या को दूर करना ही हमारा प्रयास: डॉ. रुचिर अरोरा
कॉलेज देखो के सह संस्थापक और सीईओ डॉ. रुचिर अरोरा ने अमर उजाला संवाद के मंच पर युवाओं में बढ़ रही बेरोगारी की समस्या पर बात की और अपने लक्ष्यों पर भी बात की। उनका कहना है कि युवाओं में सबसे बड़ी दिक्कत यह कि वह अपनी प्रतिभा को नहीं पहचान रहें है, बेरोजगारी के लिए अपनी प्रतिभा को न पहचाना पाना भी एक मुख्य कारक है।
उन्होंने कहा कि बुनियादी दिक्कत यह है कि जिसे लेखक बनना है, वह इंजीनयर बन रहा है। फिर वह अच्छे संस्थान में भी नहीं पढ़ पा रहे। हमने सोचा कि क्यों न बच्चों की अच्छे पाठ्यक्रम में मदद करें। हम युवाओं के बीच बेरोजगारी की दिक्कत को दूर करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
कॉलेज देखो के बारे में
कॉलेज देखो भारत का एक उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र है। इसकी स्थापना रुचिर अरोड़ा (सीईओ और सह-संस्थापक), सौरभ जैन (सह-संस्थापक) और रोहित साहा (सह-संस्थापक) ने की थी क्योंकि इन सभी का मानना है कि हर छात्र को, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, उच्च गुणवत्ता वाले कॉलेज मार्गदर्शन तक पहुंच प्रदान की जानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसका कोई भी सपना अधूरा न रहे। कॉलेज देखो छात्रों को सही कॉलेज तक पहुंचने के लिए मार्गदर्शन करता है और कॉलेजों को उन्हें बेहतर तरीके से पढ़ाने में मदद करता है।