बता दें कि एकेटीयू से संबद्ध सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में इस साल प्रवेश की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में आखिरी चरण की काउंसिलिंग के बाद 747 सीटें खाली रह गईं। सिर्फ आईईटी की ही सभी सीटों पर प्रवेश हो सका तकनीकी विश्वविद्यालय ने सितंबर के अंत में बीटेक प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की थी।
मुख्य चरण की काउंसिलिंग पांच चरणों में हुई। वहीं संबद्ध सरकारी कॉलेजों की सीटों के लिए दो स्पेशल राउंड भी हुए लेकिन सभी सीटें नहीं भर सकीं। आखिरी चरण के प्रवेशित विद्यार्थियों को 30 नवंबर तक अपने कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। सरकारी संस्थानों में बीटेक की 3369 सीटों में से 2622 सीटों पर प्रवेश हुए हैं।
इससे पहले हाल ही में, एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ने घोषणा की थी कि वह छह नवंबर से शुरू हुए बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के अपना सत्र को पढ़ाना शुरू करेगा, जो हिंदी में भी शुरू करेंगे। कुलपति ने कहा कि इस साल हम केवल बीटेक पाठ्यक्रमों के लिए हिंदी को शिक्षण के माध्यम के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन अगले साल से हम अन्य पाठ्यक्रमों को भी शामिल करेंगे।
विश्वविद्यालय की ओर से सभी कॉलेजों के शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे बीटेक पाठ्यक्रम को अंग्रेजी के साथ हिंदी में पढ़ाने की तैयारी शुरू कर दें। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले शिक्षकों को हिंदी और अंग्रेजी में निर्देश तैयार करने होंगे।