केंद्र सरकार ने मंगलवार को तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती के लिए एक नई ‘अग्निपथ योजना’ का एलान किया। इसके तहत बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च को कम करने के लिए संविदा के आधार पर अल्पकाल के लिए सैनिकों की भर्ती की जएगी, जिन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) रक्षा अधिकारियों की सलाह से एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहा है। इससे 10वीं कक्षा पास करने वाले अग्निवीरों को उनकी शिक्षा आगे बढ़ाने में मदद की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें उनके सेवा क्षेत्र के लिए प्रासंगिक पाठ्यक्रम विकसित करके 12वीं कक्षा का प्रमाणपत्र प्राप्त करने में सक्षम बनाया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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केंद्र सरकार ने मंगलवार को तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती के लिए एक नई ‘अग्निपथ योजना’ का एलान किया। इसके तहत बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च को कम करने के लिए संविदा के आधार पर अल्पकाल के लिए सैनिकों की भर्ती की जएगी, जिन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग अपने स्वायत्त संस्थान एनआईओएस के जरिए, रक्षा अधिकारियों के परामर्श से एक विशेष कार्यक्रम शुरू कर रहा है, जो उन अग्निवीरों के लिए है, जिन्होंने दसवीं कक्षा पास कर ली है। इस पाठ्यक्रम से वे अपनी शिक्षा को आगे बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के सेवा क्षेत्र के लिए प्रासंगिक पाठ्यक्रम विकसित करके उन्हें 12वीं कक्षा का प्रमाणपत्र प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सकेगा।
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उन्होंने कहा कि इस प्रमाण पत्र को देश भर में रोजगार और उच्च शिक्षा दोनों के लिए मान्यता दी जाएगी। इससे अग्निवीरों को जीवन में बाद में समाज में उत्पादक भूमिका निभाने के लिए पर्याप्त शैक्षिक योग्यता और कौशल हासिल करने में लाभ होगा।
तीन-वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम भी शुरू होगा
इससे पहले शिक्षा मंत्रालय ने कहा था कि अग्निवीरों के करियर की भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए वह ऐसे रक्षा कर्मियों के लिए कौशल आधारित तीन-वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू करेगा, जो रक्षा प्रतिष्ठानों में उनके कार्यकाल के दौरान प्राप्त कौशल प्रशिक्षण को मान्यता देगा।
अधिकारियों ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा पेश किए जाने वाले डिग्री प्रोग्राम को रोजगार एवं शिक्षा के लिए भारत और विदेश दोनों जगह मान्यता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सेना, नौसेना और वायु सेना इस योजना के कार्यान्वयन के लिए इग्नू के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे।