इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) देश में पहली बार छात्रों को दूरस्थ माध्यम से दाखिला और एक साल की पढ़ाई के बाद उन्हें डीयू, जेएनयू, बीएचयू जैसे विश्वविद्यालयों से नियमित डिग्री लेकर निकलने का मौका दे रही है।
इग्नू शैक्षणिक सत्र जनवरी 2024 से चार वर्षीय स्नातक डिग्री शुरू करने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री में 17 प्रोग्राम में पढ़ाई का मौका मिलेगा। इसमें छात्रों को मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का मौका मिलेगा। यानी एक साल के बाद सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा, तीन साल के बाद मेजर की डिग्री और चार वर्ष के बाद ऑनर्स या रिसर्च की डिग्री मिलेगी।
यूजीसी अध्यक्ष प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने बुधवार को इग्नू के चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्रोग्राम को लॉन्च किया। यूजीसी अध्यक्ष ने कहा कि एनईपी-2020 के तहत इस चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्रोग्राम में छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास के बारे में भी जानने का मौका मिलेगा। एनईपी में सबसे महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर को 50 फीसदी पहुंचाना है।
इसके लिए उच्च शिक्षा में 3.5 करोड़ सीटें जोड़ी जानी हैं। इसका मतलब है कि स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले सभी छात्रों की उच्च शिक्षा की पढ़ाई को पूरा करवाना है। इसलिए एनईपी के तहत गुणवत्ता युक्त शिक्षा, सभी को शिक्षा उपलब्ध करवाना, किसी भी कारण से बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखना, कौशल आधारित शिक्षा देने पर फोकस करना होगा।
डिग्री प्रोग्राम के साथ माइनर डिग्री की करें पढ़ाई
इग्नू छात्रों को पढ़ाई में नया बदलाव देने जा रहा है। इसमें छात्र एक साथ मेजर डिग्री के साथ दूसरी माइनर डिग्री की पढ़ाई भी कर सकेगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई छात्र मेजर में पॉलिटिक्ल साइंस रखता है तो साथ में माइनर डिग्री में हिंदी, संस्कृत, हिस्ट्री समेत अन्य विषयों को चुन सकता है। उसकी डिग्री में मेजर और माइनर डिग्री के बारे में लिखा रहेगा। दोनों डिग्री के क्रेडिट उसकी मुख्य डिग्री में जुड़ेंगे। सभी छात्रों को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का लाभ मिलेगा। इसके अलावा छात्र अपनी पसंद के किसी भी विषय की पढ़ाई अन्य विश्वविद्यालय और स्वयं प्लेटफार्म से ऑनलाइन पढ़ाई की भी आजादी होगी।
इन प्रोग्राम में चार वर्षीय डिग्री की पढ़ाई
इग्नू जनवरी 2024 सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के तहत स्नातक के 17 प्रोग्राम में चार वर्षीय डिग्री शुरू कर रहा है। इसमें बैचलर ऑफ कॉमर्स, बैचलर ऑफ आर्ट में (इॅकोनोमिक्स, हिस्ट्री, पॉलिटिक्ल साइंस, इंग्लिश, हिंदी, उर्दू, पब्लिक एडिमिनिस्ट्रेशन, साइकोलॉजी, फिलॉसफी, सोशियोलॉजी व संस्कृत) शामिल हैं। इसके अलावा बीए जर्नलिज्म एंड डिजिटल मीडिया, बैचलर ऑफ सोशल वर्क, बीए फैस्टिलीटीज एंड सर्विस मैनेजमेंट बैचलर ऑफ साइंस एंथ्रोपोलॉजी और बैचलर ऑफ साइंस बॉयोकैमिस्ट्री आदि शामिल हैं।
तीन साल में बीए, बीकॉम, बीएससी इन मेजर डिग्री
चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्रोग्राम में छात्र को चार वर्ष में कुल 160 क्रेडिट अर्जित करने होंगे। छात्रों के पास मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का विकल्प होगा। यानी एक साल की पढ़ाई करने वालों को कुल 44 क्रेडिट लेने होंगे। इसमें साल की पढ़ाई के 40 क्रेडिट व चार क्रेडिट वोकेशनल की पढ़ाई से अर्जित करने होंगे। जबकि दो साल में 80 क्रेडिट लेने पर डिप्लोमा व चार क्रेडिट का वोकेशनल कोर्स करना होगा। इसके अलावा तीन साल की पढ़ाई करने पर 120 क्रेडिट के साथ ह्यूमैनिटीज में बीए -इन मेजर, कॉमर्स में बीकॉम -इन मेजर और साइंस स्ट्रीम में बीएससी -इन मेजर की डिग्री मिलेगी। वहीं, चार साल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को 160 क्रेडिट अर्जित करने पर ऑनर्स या रिसर्च की डिग्री मिलेगी।
खास बातें
- एक साल में सर्टिफिकेट, दो में डिप्लोमा, तीन में माइनर डिग्री तो चौथे साल ऑनर्स डिग्री मिलेगी।
- स्नातक के छात्र पहली बार मेजर डिग्री प्रोग्राम के साथ माइनर डिग्री की पढ़ाई भी कर सकेंगे।
- इग्नू में भारत समेत 14 देशों के यूजी, पीजी, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट प्रतिवर्ष सात से आठ लाख छात्र दाखिला लेते हैं।
- नये और पुराने छात्रों को मिलाकर इग्नू में करीब 35 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।