कोरोना के चलते पिछले डेढ़ साल से पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन कोचिंग सेवा चयन में सावधानी की सलाह दी है। इसके मुताबिक, एड-टेक कंपनियों ने शिक्षण संस्थानों की तरह ऑनलाइन मोड से पाठ्यक्रम, ट्यूटोरियल, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग आदि देनी शुरू की है। शिक्षा मंत्रालय को पता चला है कि कुछ एड-टेक कंपनियां मुफ्त सेवाओं की पेशकश कर माता-पिता को लुभा रही हैं। वे सेवा और इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर मैंडेट पर हस्ताक्षर करा या ऑटो-डेबिट सक्रिय करने का विकल्प देकर गुमराह कर रही हैं।
शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से गुरुवार को राज्य सरकारों, अभिभावकों, शिक्षकों समेत सभी हितधारकों के लिए परामर्श जारी किया गया है। इसमें एड-टेक कंपनियों के प्रचार या झूठे वादों से आगाह किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना काल में शिक्षण संस्थान बंद होने और शिक्षा में प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव को देखते हुए कई एड-टेक कंपनियों ने पाठ्यक्रम, ट्यूटोरियल, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग आदि की पेशकश शुरू की है। अभिभावकों और शिक्षकों को ऑनलाइन सामग्री या कोचिंग के चयन में बेहद सावधानी की जरूरत है।
इन बिंदुओं पर ध्यान जरूरी
- किसी भी एड-टेक प्लेटफॉर्म के उपयोग से पहले शिक्षा मंत्रालय के बाल सुरक्षा पर जारी बिंदुओं का ध्यान रखें। कंपनियों के विज्ञापनों पर भरोसा न करें।
- किसी भी ऐसे ऋण के लिए साइनअप न करें, जिसके बारे में आपको जानकारी न हो।
- कोई भी एड टेक मोबाइल एप प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना इंस्टाल न करें।
- सदस्यता के लिए एप पर क्रेडिट/डेबिट कार्ड पंजीकरण से बचें। लेन-देन व्यय की ऊपरी सीमा निर्धारित करें।
- अपना ईमेल एड्रेस, संपर्क नंबर, कार्ड विवरण, पता आदि ऑनलाइन देने से बचें। इस डाटा का उपयोग बाद में घोटाले के लिए किया जा सकताहै।
- कोई भी व्यक्तिगत वीडियो और तस्वीरें साझा न करें। वीडियो सुविधा को चालू करने या असत्यापित प्लेटफॉर्म पर वीडियो कॉल करने में सावधानी बरतें।
- बच्चों को सीधे खरीदारी की अनुमति न दें। जरूरी हो तो आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार ओटीपी आधारित भुगतान विधि को अपनाया जा सकता है।
- अपने बैंक खाते का विवरण और ओटीपी किसी भी मार्केटिंग कर्मचारी के साथ साझा न करें।
- साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहें। जिन स्रोतों से आप परिचित नहीं हैं, उनके लिंक पर क्लिक न करें या कोई अटैचमेंट या पॉप-अप स्क्रीन न खोलें।