अब तक तीन राउंड में इस योजना के तहत 65 छात्रों का चयन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान देशों और भारत के लोगों के बीच संपर्क एवं सहयोग बढ़ाने की पहल के तहत आसियान फेलोशिप योजना की घोषणा की थी
तीन सालों में आसियान देशों के 65 मेधावी छात्रों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में पीएचडी करने के लिए फेलोशिप के लिए चयन किया है। इसमें से वैश्विक महामारी कोरोना के चलते 35 छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हैं। जबकि अन्य छात्रों ने नामांकन के बाद इसमें शामिल होना स्थगित कर दिया या छोड़ दिया।
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शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति को रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। यह रिपोर्ट सोमवार को राज्यसभा के सभापति को पेश की गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, समिति को बताया गया है कि अब तक तीन राउंड में इस योजना के तहत 65 छात्रों का चयन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान देशों और भारत के लोगों के बीच संपर्क एवं सहयोग बढ़ाने की पहल के तहत आसियान फेलोशिप योजना की घोषणा की थी ।
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पीएम की घोषणा के बाद वर्ष 2019 में इसकी शुरूआत की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत आसियान देशों के छात्रों को देश में 1000 पीएचडी फैलोशिप देने की व्यवस्था की गई है। ये फैलोशिप देश के सभी 23 आईआईटी संस्थानों में उपलब्ध होंगी।
इसके लिए सात वर्षो में 300 करोड़ रुपये खर्च किये जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत दाखिल छात्रों के लिये फेलोशिप, भारतीय छात्रों के समान दर पर वार्षिक शोध अनुदान के साथ प्रदान की जाती है।
आईआईटी अपने स्वयं के संसाधनों से चयनित छात्रों के रहने की व्यवस्था करती है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री शोध फेलोशिप के बारे में उच्च शिक्षा विभाग ने सूचित किया कि 7 फरवरी 2018 को इस योजना को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद से अब तक 1509 अध्येताओं को इस योजना के तहत फेलोशिप प्रदान की गई है।