नई दिल्ली। चिड़ियाघर में इस माह के अंत तक रोज 8 हजार पर्यटक वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे. इसके लिए चिड़ियाघर नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के साथ सर्वर पर काम रहा है। इसमें सफलता भी मिली है। अब तक प्रत्येक स्लॉट में 1500 और पूरे दिन में अधिकतम तीन हजार पर्यटक वन्यजीवों का दीदार करते हैं।
चिड़ियाघर की निदेशक डॉ. सोनाली घोष के मुताबिक, चिड़ियाघर ने एक दिन पहले एनआईसी के साथ मिलकर चार हजार ऑनलाइन टिकट का प्रयास किया। उसे एनआईसी के अतिरिक्त सर्वर का लाभ मिल रहा है। पर्यटकों की संख्या को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। इस माह के अंत तक अधिक से अधिक पर्यटकों को परिसर में प्रवेश मिल सकेगा। इससे चिड़ियाघर घूमने की चाह रखने वालों को निराशा नहीं होगी।
चिड़ियाघर के एक अधिकारी के मुताबिक, पहले चरण में प्रत्येक स्लॉट में 500-500 पर्यटकों की संख्या बढ़ाई गई है। रविवार को प्रत्येक स्लॉट में एक हजार पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इससे सर्वर में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई है। उम्मीद है कि कुछ दिन में ही अधिक संख्या में पर्यटकों को चिड़ियाघर में प्रवेश मिल सकेगा।
सर्दी की दस्तक के साथ ही चिड़ियाघर प्रशासन ने वन्यजीवों की देखभाल के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में उनके खाने-पीने से लेकर रहने तक में बदलाव किया जा रहा है। सर्दी में सभी मांसाहारी जीवों की खुराक 20 फीसदी बढ़ा दी जाती है। पेंटेड स्टॉर्क को दी जाने वाली मछलियां भी 20 फीसदी तक बढ़ाई जाती हैं। शाकाहारी प्राणियों को आंवला व अन्य पौष्टिक आहार दिया जाएगा। ठंड से बचाने के लिए हिरण के प्रत्येक बाड़े में पराली बिछाई जा रही है। सिंह, बाघ व जगुआर को फर्श की ठंडक से बचाने के लिए लकड़ी के तख्तों की व्यवस्था की जा रही है। सरीसृप घर में सांपों व अन्य जीव-जंतुओं को ठंड से बचाने के लिए पराली की व्यवस्था होगी।
चिड़ियाघर में हाथियों को दिए जाने वाले खाने में भी बदलाव किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक हाथ को हरे चारे के बजाय 150 किलो गन्ना रोज के हिसाब से दिया जाएगा। साथ ही एक किलो गुड़ की भी व्यवस्था होगी। चिड़ियाघर में इस समय तीन हाथी हैं। इनमें एक अफ्रीकन शंकर, एशियन हथिनी लक्ष्मी और हाथी हीरा है।