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Yamuna Flood : उफान पर यमुना, 8000 को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, पुराना पुल बंद

Wed, 28 Sep 2022 05:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Yamuna Flood: हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से यमुना उफान पर आ गई है। मंगलवार रात 8 बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 206.34 मीटर तक पहुंच गया। प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र से 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अभी और लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला जारी है।
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बाढ़ के हालात.... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से यमुना उफान पर आ गई है। मंगलवार रात 8 बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 206.34 मीटर तक पहुंच गया। प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र से 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अभी और लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला जारी है। पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने कहा है कि जलस्तर और ऊपर आने की आशंका है। हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को 2,95,212 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी देर रात तक दिल्ली पहुंच सकता है।

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यमुना का पानी मंगलवार को सुबह करीब सात बजे से अचानक बढ़ना शुरू हो गया था। इसके बाद नदी के किनारे रहने वाले लोग ऊंचाई वाले स्थानों की तरफ तेजी से जाने लगे थे। प्रशासन के लोग भी सिविल डिफेंस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। लोगों ने नदी क्षेत्र से निकलकर मयूर विहार, अक्षरधाम, सराय काले खां, गीता कॉलोनी समेत दूसरे पुस्तों पर आसरा लिया।  पूर्वी दिल्ली के एडीएम व बाढ़ के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी पुनीत पटेल ने बताया कि प्रभावितों को आठ जगहों पर रखा गया है। इनकी संख्या करीब 7-8 हजार के करीब है। जरूरतमंदों को तिरपाल दिए गए हैं। सबके लिए खाने का इंतजाम किया गया है।  

लोहे के पुल पर ट्रेनों का संचालन बंद, 100 से अधिक रेलगाड़ियां प्रभावित
यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुराने लोहे के पुल पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है। इस वजह से पुरानी दिल्ली से संचालित होने वाली 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित रहीं। 17 से अधिक ट्रेनें मार्ग में ही रोक दी गईं। 
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कुल मिलाकर 19 ट्रेनें निरस्त कर दी गईं। जबकि 40 से अधिक ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। इसकी वजह से यात्रियों को परेशान होना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत उन यात्रियों की रही, जिनकी रेलगाड़ी दिल्ली के बजाय बीच रास्ते में ही रोक दी गई। डेढ़ सौ वर्ष से अधिक पुराने लोहे के पुल पर रेलगाड़ियों का आवागमन यमुना में पानी बढ़ने के कारण रोक दिया गया है। पुल के नीचे चलने वाले वाहनों के लिए यातायात को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके चलते मंगलवार को 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित रहीं। 17 से अधिक ट्रेनों को मार्ग में ही रोक दिया गया। जबकि 19 ट्रेनें निरस्त कर दी गईं। इधर 40 से अधिक रेलगाड़ियों का दिल्ली जंक्शन और साहिबाबाद जंक्शन के बीच रास्ता बदल दिया गया है। कई रेलगाड़ियों का अंबाला छावनी जंक्शन से ही रास्ता बदल दिया गया। 

वाहनों की आवाजाही बंद होने से लगा जाम 
यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार दोपहर में पुराना लोहा पुल वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। बाढ़ की आशंका को देखते हुए शाहदरा जिला प्रशासन ने पुराना लोहा पुल बंद करने का फैसला किया। पुल बंद होने से रेल व अन्य वाहनों का आवागमन बंद हो गया है।
 
प्रशासन के अधिकारियों ने रेलवे व दिल्ली यातायात पुलिस से बात कर यह फैसला लिया है। पुल बंद होने की जानकारी समय से नहीं मिलने पर शास्त्री पार्क, गांधी नगर पुश्ता और मार्केट इलाके में भीषण जाम लग गया। यातायात पुलिस ने आनन फानन वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर भेजा। यातायात पुलिस को यहां की यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। देर शाम तक इन इलाकों में जाम की स्थिति बनी हुई है।

पुल को यातायात के लिए बंद करने के बाद वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात पुलिस ने यातायात को सुचारु करने के लिए कैलाश नगर से पुरानी दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को शास्त्री पार्क की ओर मोड़ दिया। इसके  चलते मिनटों के रास्ते घंटों में तय हो सके। इसके चलते कई लोगों के जरूरी काम बिगड़ गए तो कई लोग देरी से काम पर पहुंचे। 

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