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ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट की अनुमति तो हर्बल हुक्के के इस्तेमाल पर रोक क्यों : हाईकोर्ट

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नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के समक्ष सवाल उठाया कि जब कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर हर्बल हुक्के के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है तो ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट की अनुमति क्यों दी जा रही है? अदालत ने कहा उसके हर्बल हुक्के पर रोक के आदेश पर फिर से विचार क्यों नहीं किया जा सकता है।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने रेस्तरां व बार में हर्बल फ्लेवर वाले हुक्के की बिक्री पर रोक लगाने संबंधी दिल्ली सरकार के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में उनके खिलाफ की जा रही पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।
दिल्ली सरकार ने तर्क रखा कि हुक्के के इस्तेमाल से कोविड संक्रमण बढ़ सकता है क्योंकि एक ही हुक्का कई लोग रेस्तरां में उपयोग करते हैं। अदालत के सवाल उठाने पर दिल्ली सरकार के वकील ने मुद्दे पर सरकार से निर्देश लेने के लिए समय मांगा।
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ब्रीथ एनालाइजर की अनुमति तो पुनर्विचार क्यों नहीं
अदालत ने कहा जब अब ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट की अनुमति दी जा रही है तो 3 अगस्त 20 के आदेश पर पुनर्विचार क्यों नहीं किया जाता। अदालत ने मामले की सुनवाई 30 सितंबर तय करते हुए कहा कि उम्मीद है डीडीएमए इस पहलू पर तत्काल विचार करेगा।
सरकार के निर्णय को पश्चिम पंजाबी बाग स्थित ब्रीथ फाइन लाउंज और बार, टीईएएस, आर हाई स्पीडबार और लाउंज, बरामदा चांदनी और छठी एम्पिरिका लाउंज ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर चुनौती दी है। याचिका में संयुक्त पुलिस आयुक्त (लाइसेंसिंग) के आदेश को चुनौती दी गई है।
हर्बल हुक्के के लिए लाइसेंस जरूरी नहीं
याची के अधिवक्ता ने कहा हर्बल हुक्के के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं है क्योंकि वे पूरी तरह से तंबाकू के बिना हैं लेकिन पुलिस अभी भी छापेमारी कर रही है, उपकरणों को जब्त कर रही है और चालान जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके रेस्तरां में हर व्यक्ति को अलग हुक्का उपलब्ध कराया जा रहा है और किसी को भी हुक्का साझा करने की अनुमति नहीं है।
दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष कुमार त्रिपाठी ने उनके तर्क पर विरोध करते हुए कहा एक ही गलती के लिए पूरी दिल्ली को भारी कीमत चुकानी होगी और सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का की खपत की अनुमति देने से कोविड-19 के मरीज बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा हर्बल हो या नॉन हर्बल, हम किसी भी प्रकार के हुक्के को मंजूरी नहीं दे सकते।
जीवन महत्वपूर्ण, हुक्का नहीं
हम अकेले कार चलाते होते हुए भी मास्क लगा रहे हैं। हुक्का इतना महत्वपूर्ण नहीं है, हमारा जीवन अधिक महत्वपूर्ण है। याची ने कहा हम आश्वासन देते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति रेस्तरां में एक हुक्के का उपयोग करेगा, तो दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि एक भी हुक्के की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
दिल्ली सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में होटल, रेस्तरां, भोजनालय घरों, बार, पब और डिस्कोथेक सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर हुक्के का उपयोग, तंबाकू के साथ या बिना हो, सख्त निषिद्ध है क्योंकि हुक्का के उपयोग या बंटवारे से कोविड-19 का प्रसार और बढ़ सकता है।
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