नई दिल्ली। विवेक विहार में बृहस्पतिवार दोपहर आटा चक्की की दुकान में गेहूं से भरी बोरियों के नीच दबकर दुकानदार और कर्मचारी की मौत हो गई। बोरी उतारने के दौरान हुए हादसे के बाद दोनों काफी देर तक बोरी के नीचे दबे रहे। दुकान पर पहुंचे ग्राहक की नजर पड़ने के बाद झिलमिल कॉलोनी निवासी राजीव नरूला (49) और जगतपुरी निवासी राजेंद्र (55) को निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक राजीव की झिलमिल कॉलोनी के कृष्णा मार्केट में नरूला आटा चक्की नाम से दुकान थी। राजेंद्र उसकी दुकान में काम करता था। पुलिस के मुताबिक दुकान में दीवार के सहारे ऊंचाई तक एक के ऊपर एक गेहूं की बोरियां रखी गई थीं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब सवा एक बजे आटा चक्की चल रही थी। राजेंद्र बोरियों को उतारकर गेहूं को चक्की में डाल रहा था। बोरी निकलने के दौरान अचानक बोरियां तेजी से गिराने लगीं। राजीव और राजेंद्र को बाहर भागने का मौका तक नहीं मिला। दोनों बोरियों के नीचे दब गए।
काफी देर तक दोनों बोरियों के नीचे दबे रहे। इसी बीच एक ग्राहक दुकान पर पहुंचा। उसने आटा चक्की में बोरियों की ढेर को देखकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इस बीच किसी ने राजीव के परिवार वालों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया। बोरियों को हटाने के बाद नीचे दोनों बेसुध अवस्था में पड़े मिले। दोनों को एंबुलेंस से तुरंत जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि राजीव की काफी पुरानी आटा चक्की थी। राजेंद्र भी आटा चक्की पर काफी समय से काम कर रहा था। हादसे के बाद दोनों के परिजन सदमे में हैं।