दिल्ली-एनसीआर की हवा शनिवार को खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। एनसीआर में केवल गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसत श्रेणी में दर्ज हुआ है। वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रहेगी। 8 फरवरी को बारिश होने की स्थिति में हवा की गुणवत्ता सुधर सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 224 रहा। इसके अलावा फरीदाबाद का 248, गाजियाबाद 181, ग्रेटर नोएडा 136, गुरुग्राम 213 और नोएडा का 187 रहा। वायु मानक संस्था सफर के मुताबिक, अगले तीन दिन तक वेंटिलेशन इंडेक्स में सुधार नहीं होने की वजह से हवा की गुणवत्ता खराब रहेगी।
घने कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। ज्यादातर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। वहीं, विमान सेवाओं पर ज्यादा असर पड़ा है। 150 से अधिक उड़ान विलंब से संचालित हुई। इससे यात्रियों को बेहद परेशान होना पड़ा। शनिवार तड़के साढ़े तीन बजे से ही इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रनवे कोहरे की चादर में लिपट गए। यहां की दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो गई।
इस वजह से विमानों का संचालन प्रभावित होने लगा। आनन-फानन लो विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू किया गया। इस दौरान इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम से विमानों को रनवे पर उतारा गया। इस तकनीक का सहारा लेने की वजह से विमान लगातार लेट होने लगे। सुबह साढ़े आठ बजे तक यह स्थिति रही। कई विमानों को रनवे पर उतरने में देरी की वजह से गो-एराउंड करना पड़ा। यानी, हवा में ही कुछ देर चक्कर लगाने पड़े। हालांकि, इस दौरान ना तो किसी विमान को अन्य एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट किया गया और ना ही निरस्त।
उधर, ट्रेनों की रफ्तार भी थमी रही। लंबी दूरी की दो दर्जन से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से दिल्ली पहुंची। इसमें मुख्य रूप से डिब्रूगढ़ राजधानी, भुवनेश्वर राजधानी, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, पूर्व एक्सप्रेस, सत्याग्रह एक्सप्रेस, विक्रमशीला, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी, भागलपुर-नई दिल्ली, जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस शामिल रही।