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बाढ़ की जद में दिल्ली: खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रही यमुना, सड़कों पर सेना; SC तक पहुंचा पानी

Fri, 14 Jul 2023 07:55 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रहा है। आईटीओ और सुप्रीम कोर्ट तक पानी भरने के बाद सेना ने कमान संभाली। आज सुबह आईपी रेगुलेटर टूटने से सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, प्रगति मैदान तक पानी पहुंच गया।
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आईटीओ पर हुए जलभराव में से गुजरती गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यमुना खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर अभी भी बह रही है। जलस्तर में कमी आने के बावजूद भी दिल्ली में यमुना अभी उफान पर है। आईटीओ के नजदीक आईपी रेगुलेटर का एक गेट टूट जाने से सुप्रीम कोर्ट और प्रगति मैदान के नजदीक मथुरा रोड पर पानी भर गया। इसकी मरम्मत के लिए प्रशासन को सेना उतारनी पड़ी। करीब चार घंटे तक उपराज्यपाल की मौजूदगी में इसकी मरम्मत का काम चलता रहा। उधर, शुक्रवार शाम छह बजे जल स्तर 208.20 मीटर है।
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दिल्ली ये इलाके पानी से जलमग्न
इसका असर दिल्ली के अंदरूनी इलाकों में देखा गया। सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, प्रगति मैदान, लाल किला, यमुना बाजार, सिविल लाइंस, मोनेस्ट्री मार्केट, कश्मीरी गेट, राजघाट, आउटर रिंग रोड पर पानी भर गया है। इस रूट पर दिनभर ट्रैफिक बाधित रहा। यमुना के वेग से आईपी डिपो के पास सेंट्रल दिल्ली से नालों का पानी भेजने के लिए बने संयंत्र का एक गेट टूट गया। नाले का पानी यमुना में जाने की बजाय शहर में लौटने लगा। इसे ठीक करने के लिए मैदान में सेना को उतारा गया।

सुप्रीम कोर्ट तक ऐसे पहुंचा पानी
पानी के दबाव से दिल्ली जल बोर्ड का इंद्रप्रस्थ रेगुलेटर का एक मेट बृहस्पतिवार देर रात टूट गया। इसको ठीक करने का काम शुक्रवार दिन भर चलता रहा। दिल्ली सरकार, एनडीआरएफ और भारतीय सेना की टीम ने इसे ठीक किया। यदि समय रहते इसे ठीक नहीं किया जाता तो पानी को शहर में घुसने में शायद समय नहीं लगता। आईटीपीओ और सुप्रीम कोर्ट परिसर में पानी भरने के पीछे का मुख्य कारण यही रहा।

घंटे भर में भर गया आईटीओ
इंद्रप्रस्थ रेगुलेटर का एक गेट टूटने के कारण रात को करीब नौ बजे से पानी शहर की तरफ लौटने लगा था। करीब घंटे भर में आईटीओ चौराहा पानी से लबालब हो गया। आनन फानन में एलजी वीके सक्सेना ने भारतीय सेना को मदद के लिए कॉल किया। सेना ने लाव लश्कर के साथ आकर रात-दिन काम करके इसे दुरुस्त किया। फिर भी यमुना का बहाव तेज है और इसकी मुख्य धारा सेंट्रल दिल्ली की तरफ है, इसलिए आईटीओ का पानी अभी तक उतर नहीं पाया है।

जलस्तर घटने की रफ्तार बहुत धीमी
यमुना 1978 के जलस्तर से अभी भी ऊपर बह रही है। इसका वेग भी ज्यादा है। शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे करीब 60000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हथिनीकुंड बैराज के पास कोई जलाशय नहीं है, इसलिए यहां पर पानी को रोका नहीं जा सकता। पीछे पहाड़ों से लगातार पानी आ रहा है और वहां से इसे लगातार छोड़ा जा रहा है। इसलिए यमुना का जलस्तर घट तो रहा है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है।
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राहत बचाव के दौरान सैकड़ो जानवर बचाए
बाढ़ क्षेत्र से शुक्रवार को सैकड़ो पशुओं को निकाला गया। पूर्वी दिल्ली में एसडीएम संदीप कुमार दत्ता और तहसीलदार विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में 65 से ज्यादा लावारिश कुत्ते, तीन गायें, भैंसे व मुर्गियों को बचाकर बाहर लाया गया। जलस्तर बढ़ने पर इनके मालिक आनन-फानन में इन्हें नदी के भीतर छोड़ आए थे। एनडीआरएफ और प्रशासन की नौकाओं का दिनभर तलाशी अभियान जारी रहा।
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