हरियाणा से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण वजीराबाद बैराज में बुधवार को भी जलस्तर कम रहा। इस कारण गत दिनों की तरह बुधवार को भी दिल्ली जल बोर्ड के तीन संयंत्र पूरी क्षमता से नहीं चल सके। लिहाजा इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों के निवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार यमुना नदी से जुड़े उसके वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र में बुधवार को भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। इस कारण उत्तरी दिल्ली, मध्य दिल्ली, नई दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों के निवासियों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल सका। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड से पानी के टैंकर मंगाए। हालांकि दिल्ली जल बोर्ड तत्काल टैंकर नहीं भेज पाया। जल बोर्ड के टैंकर दो से तीन घंटे देर से प्रभावित इलाकों में पहुंचे।
करोल बाग इलाके की पंजाबी बस्ती में तो पेयजल संकट के हालात काफी गंभीर दिखाई दिए। यहां स्थानीय निवासी टैंकर से पानी भरने के लिए सुबह ही टंकियों और बर्तनों की लाइन लगा रहे है और टैंकर आते ही पानी भरने के लिए लोग टूट पड़ते है। स्थानीय निवासी सीमा रानी ने बताया कि उन्हें गत सप्ताह से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। वहीं पंकज ने बताया कि कई-कई बार फोन करने के बाद पानी का टैंकर आता है।
दिल्ली जल बोर्ड की नाकामी के कारण पैदा हुआ पेयजल संकट
दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि दिल्ली को हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश से अपने कोटे का पूरा कच्चा पानी मिल रहा है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही से पल्ला के रास्ते हरियाणा से मिलने वाला बहुत पानी बर्बाद होता है। इसके अलावा पानी की चोरी एवं लीकेज से होने वाली बर्बादी भी रोकने में विफल है। इस कारण आज दिल्ली में पानी की कमी है और दिल्ली सरकार इसका दोष हरियाणा को दे रही है। दिल्ली सरकार के आरोप बेबुनियाद है।