ट्विन टावर गिराने के बाद निकले 80 हजार मीट्रिक टन का निस्तारण चुनौतीपूर्ण है। इसमें से 50 हजार टन मलबा मौके पर बेसमेंट को भरने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि 30 हजार टन मलबा रीसाइकिल किया जाएगा।
नोएडा स्थित ट्विन टावर महज 12 सेकंड में जमींदोज हो गया, जिसके बाद धूल का गुबार हर तरफ फैल गया। पिछले कई दिनों से नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराने की खबरे चर्चा का विषय बनी रही। हर कोई ट्विन टावर को गिरते हुए देखना चाहता था। मीडिया ने ट्विन टावर को जमींदोज होते दिखाया। अब इसके मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है। इस बीच ट्विन टावर का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें टावर का मलबा दिखाई दे रहा है। बता दें कि बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 28 अगस्त को नोएडा का ट्विन टावर गिरा दिया गया था।
विज्ञापन
तीस सौ टन मलबा हर दिन होगा रीसाइकिल
ट्विन टावर गिराने के बाद निकले 80 हजार मीट्रिक टन का निस्तारण चुनौतीपूर्ण है। इसमें से 50 हजार टन मलबा मौके पर बेसमेंट को भरने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि 30 हजार टन मलबा रीसाइकिल किया जाएगा।
मलबे को हटाने व रीसाइकिल का काम एशिया की अग्रणी पर्यावरण प्रबंधन कंपनी री सस्टेनेबिलिटी को दिया गया है। कंपनी तीन माह में हर दिन 300 टन मलबे को रीसाइकिल करेगी। कंपनी के सीईओ मसूद मलिक ने कहा कि कंपनी ने कचरे को रीसाइकिल करने और उसे निर्माण सामग्री में बदलने की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
विज्ञापन
मलबा हटाने के लिए बढ़ेंगे कर्मी और मशीनें
एडिफिस इंजीनियरिंग के मयूर मेहता ने बताया कि मलबे से लोहा निकाला जा रहा है। इसके बाद मलबे को सेक्टर-80 कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन प्लांट पर ले जाया जाएगा। यहां मलबे को रीसाइकिल कर नए उत्पाद बनाए जाएंगे। 10 दिन बाद मलबा भेजने का काम शुरू हो जाएगा। 50 हजार मीट्रिक टन मलबा ट्विन टावर के बेसमेंट-1 और 2 में भरा जाएगा। वर्तमान में 55 लोग और 4 मशीनों के साथ काम किया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में 150 लोग यहां काम करेंगे।