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Virtual School : दिल्ली में वर्चुअल स्कूल शुरू, 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई, डिजिटल लाइब्रेेरी भी होगी

Thu, 01 Sep 2022 05:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Virtual School : मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सारे क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जैसे हैप्पीनेस क्लास, देशभक्ति करिकुलम, बच्चों को बिजनेस सिखाने के लिए उद्यमी क्लासेज शुरू कीं। वसभी कक्षाएं ऑनलाइन होंगी।
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अरविंद केजरीवाल। - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को देश के पहले वर्चुअल स्कूल की शुरुआत की। इस स्कूल में देशभर के छात्र दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह स्कूल 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए है, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसमें नीट, जेईई की तैयारी के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से संबद्ध होगा।

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केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इसका नाम दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल रखा गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सारे क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जैसे हैप्पीनेस क्लास, देशभक्ति करिकुलम, बच्चों को बिजनेस सिखाने के लिए उद्यमी क्लासेज शुरू कीं। वसभी कक्षाएं ऑनलाइन होंगी। हर विद्यार्थी को आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा, जिससे वह लॉगिन कर ऑनलाइन कक्षा ले सकेगा। साथ ही रिकॉर्डेड वीडियो, सप्लीमेंट्री लर्निंग मैटेरियल, ट्यूटोरियल आदि एक्सेस कर सकेंगे। जो विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं नहीं ले सकेेंगे, उनके लिए कक्षा को रिकार्डेड में डाल दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी खाली समय मेें इन कक्षाओं को  देख सकेंगे। 

देशभर से 13 से 18 साल का कोई भी विद्यार्थी जिसने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से आठवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की है, वह वेबसाइट www.dmvs.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकता है। 
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भीख मांगने वाले बच्चों के लिए भी होगा स्कूल : मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम एक स्कूल शुरू करने जा रहे हैं जिसमें जो बच्चे ट्रैफिक लाइट पर भीख मांगते हैं, वह पढ़ेंगे। इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए एक आवासीय स्कूल बनवा रहे हैं। अभी हाल में आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरटरी स्कूल भी शुरू किया है। 

डिजिटल लाइब्रेेरी भी होगी
वर्चुअल स्कूल में विद्यार्थियों का ऑनलाइन एसेसमेंट किया जाएगा। इसमें एक बहुत बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी होगी। विद्यार्थी 24 घंटे किसी भी समय डिजिटल लाइब्रेरी का सारा कंटेंट एक्सेस कर सकेगा। स्कूलिंग प्लेटफॉर्म को विश्व प्रसिद्ध संस्था गूगल और स्कूल नेट इंडिया ने बनाया है। वर्चुअल क्लास में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष तौर पर तैयार किया है। 

पहला वर्चुअल स्कूल केंद्र ने शुरू किया था, दिल्ली सरकार ने नहीं: एनआईओएस
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली में शुरू किए गए बुधवार को पहले वर्चुअल स्कूल के दावे पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने स्पष्टीकरण दिया है। एनआईओएस ने कहा कि देश का पहला वर्चुअल स्कूल पिछले साल केंद्र सरकार ने शुरू किया था। दिल्ली सरकार का यह दावा गलत है। इसके मुताबिक, पिछले साल अगस्त में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने वर्चुअल स्कूल को शुरू किया था। केजरीवाल के शुरू किए गए वर्चुअल स्कूल में यह भी घोषणा की गई है कि इसमें देशभर के छात्र प्रवेश ले सकेंगे। वर्तमान में एनआईओएस से संबद्ध 7000 से अधिक अध्ययन केंद्र हैं, जो अकादमिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। वहीं 1500 से अधिक अध्ययन केंद्र एनआईओएस वर्चुअल ओपन स्कूल के शिक्षार्थियों को कौशल आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सहायता प्रदान कर रहे हैं।  एजेंसी

ऐसा होगा वर्चुअल स्कूल

  • दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (डीबीएसई) से संबद्ध होगा और इसके ही पाठ्यक्रम का पालन किया जाएगा। मार्कशीट और प्रमाणपत्र भी डीबीएसई से ही मिलेंगे।
  • वर्चुअल स्कूल से पास होने वाले छात्र स्नातक कोर्सेज में प्रवेश के पात्र होंगे। डीबीएसई की मार्कशीट और सर्टिफिकेट अन्य बोर्ड के समकक्ष होंगे। 
  • इस स्कूल की कोई फीस नहीं होगी।
  • पहले बैच में विद्यार्थियों की संख्या उनके पंजीकरण पर निर्भर करेगी।
  • स्कूल नेट और गूगल की ओर से तैयार स्कूली प्लेटफॉर्म के माध्यम से कक्षाएं संचालित की जाएंगी। 
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मेें उपस्थिति के लिए एक अटेंडेंस ट्रैकिंग सिस्टम शामिल है।
  • छात्रों का योग्यता आधारित मूल्यांकन होगा। इससे नकल की गुंजाइश कम होगी। 
  • दो सत्र में परीक्षाएं होंगी। परीक्षा निर्धारित स्थान पर फिजिकल रूप में होगी। परीक्षा के लिए छात्रों को दिल्ली आना होगा, जहां उन्हें कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) देना होगा।
  • शिक्षकों का चयन दिल्ली सरकार के स्कूलों से एक कठोर स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। 
  • सुरक्षित स्कूल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिसमें छात्रों और शिक्षकों को लॉगिन आईटी और पासवर्ड दिए जाएंगे, जिससे वह कक्षा में पहुंचेंगे। इससे साइबर अपराध की चिंता नहीं रहेगी। 
  • 9वीं कक्षा के लिए अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, और कंप्यूटर विज्ञान विषय लिए जा सकेंगे। 
  • छात्र के लिए इसमें ऑनलाइन लाइव कक्षाएं, ट्यूटोरियल और परामर्श सत्र उपलब्ध होगा। 
  • ऑनलाइन स्कूली प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन प्रैक्टिकल आयोजित किए जाएंगे।
  • पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी व हिंदी दोनों होगा। 
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