दिल्ली में करीब 30 से अधिक दुकानों को नक्शे के विपरीत मानते हुए नगर निगम की तरफ से सील कर दिया गया है, जबकि कुछ जगहों पर स्थानीय लोगों ने शराब की दुकान को लेकर विरोध किया है।
राजधानी दिल्ली में शराब कारोबार पर संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं। लाइसेंस जारी होने के बाद भी करीब 200 शराब की दुकानें अब तक खुल भी नहीं पाई हैं। ऐसे में वेंडरों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिसके कारण वे लाइसेंस सरेंडर कर रहे हैं।
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दरअसल आबकारी नीति 2021-22 के तहत राजधानी के 272 वार्ड को 31 जोन में बांटा गया था, जिसमें प्रत्येक वार्ड में तीन दुकानें खोलने जाने का प्रावधान रखा था। ऐसे में दिल्ली में कुल 849 दुकानें खुलतीं, लेकिन अभी तक करीब 670 दुकानों को लाइसेंस दिए जाने के बाद भी करीब 200 दुकानें खुल नहीं पाई हैं।
इसमें करीब 30 से अधिक दुकानों को नक्शे के विपरीत मानते हुए नगर निगम की तरफ से सील कर दिया गया है, जबकि कुछ जगहों पर स्थानीय लोगों ने शराब की दुकान को लेकर विरोध किया है।
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ऐसे में सरकार ने वेंडरों की परेशानी को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2022-23 की आबकारी नीति में कुछ बदलाव किए जाने का प्रस्ताव रखा है, जिसे अभी उपराज्यपाल की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद एक जुलाई से नई आबकारी लागू की जाएगी।