रेट्रो फिटमेंट फिल्टर किट से गाड़ियां 75 फीसदी तक बीएस-6 मानकों के बराबर
दिल्ली सरकार की स्टडी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट और सीएक्यूएम के सामने करेंगे पेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
वाहन उम्र से नहीं बल्कि गलत रखरखाव से प्रदूषण फैलाते हैं। यदि वाहनों में रेट्रो फिटमेंट फिल्टर किट लगा दी जाए तो वे करीब 75 फीसदी तक बीएस-6 मानक के बराबर उत्सर्जन करते हैं। दिल्ली सरकार ये स्टडी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सामने पेश करेगी, ताकि दिल्लीवासियों और ट्रांसपोर्टरों को परेशानी न हो। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को ये बात कही।
पर्यावरण मंत्री ने बुधवार को सचिवालय में ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, दिल्ली व्यापार महासंघ, दिल्ली हिन्दुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन, दिल्ली हार्डवेयर टूल्स एंड मशीनरी ट्रेडर्स एसोसिएशन और दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को स्क्रैप करने के आदेश पर चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दखल देकर इस आदेश पर फिलहाल रोक लगवा दी है।
बैठक में 1 नवंबर से बीएस-6 से कम मानक वाली डीजल गाड़ियों पर रोक के मुद्दे पर भी बात हुई। बैठक में राजेंद्र कपूर, देवेंद्र सिंह, अरुण बंसल, पुनीत मेहता समेत दिल्ली के कई ट्रांसपोर्टर और व्यापारी मौजूद रहे।