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सिंघु बॉर्डर पर बवाल, 2 थाना प्रभारी समेत 12 लोग घायल

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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा के बाद सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को दोबारा जमकर बवाल हुआ। किसान आंदोलन खत्म कराने के लिए जुटी भीड़ और किसानों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। हालात ऐसे बने कि एक थाना प्रभारी पर तलवार से हमला किया गया, जबकि दूसरे पथराव की चपेट में आ गए। दोपहर बाद तक चली हिंसा में पांच पुलिसकर्मियों समेत 12 लोग घायल हो गए। पुलिस को हिंसक भीड़ पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने इस मामले में 44 लोगों को गिरफ्तार किया है। तलवार से हमला करने वाले आरोपी की पहचान पंजाब, नवांशहर निवासी रंजीत सिंह के रूप में हुई है।
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शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन किसानों का आंदोलन खत्म कराने की मांग करते हुए बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। खुद को स्थानीय निवासी बताते वाले इन लोगों की मांग थी कि वे करीब दो महीने के प्रदर्शन से परेशान हैं। तिरंगा सम्मान यात्रा निकालते हुए ये लोग हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर आंदोलन खत्म करने की नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन स्थल के नजदीक लगाई गई कंक्रीट की बैरिकेड के पास पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इसी बीच किसी ने किसानों के टेंट की तरफ पत्थर फेंका। जवाब में किसानों की तरफ से पत्थर चलने लगे। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने बीच-बचाव कराने की कोशिश की। इसमें नरेला थाना प्रभारी विनय कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों सहित दोनों पक्षों से कई लोग घायल हो गए। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद लोग नियंत्रित हो गए।
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दोनों तरफ से चल रहे मारपीट के बीच एक किसान दूसरे गुट की ओर तलवार लेकर दौड़ा। अलीपुर थाना प्रभारी प्रदीप पालीवाल ने पकड़ने का प्रयास किया तो उसने उन पर ही तलवार से हमला कर दिया। तलवार लगने से उनके हाथ में गहरे जख्म हो गए। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हमलावर को दबोच लिया। दोनों थाना प्रभारियों समेत घायल हुए दर्जनभर लोगों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंघु बॉर्डर पर तनाव बना हुआ है।
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