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Ukraine vs Russia: प्यास बुझाने के लिए किया बर्फ पिघलने का इंतजार, छात्रों ने बताई दास्तां

Sat, 05 Mar 2022 05:15 AM IST
अनुराग सक्सेना पंकज मोहन मिश्रा, गुरुग्राम

सार

गुरुग्राम निवासी छात्रा आकांक्षा, अंजलि, रितु व राजस्थान की माहेश्वरी ने बताया कि स्थिति लगातार खराब हो रही है। सुबह से ही भारी बर्फबारी हो रही है जिसको बाल्टियों में जमा कर उसी को पिघलाकर पीने के पानी का इंतजाम किया जा रहा है।
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बर्फ से पीने के लिए पानी का इंतजाम करते विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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या तो हम भूख-प्यास से मरेंगे या फिर ठंड से मर जाएंगे। यूक्रेन के सुमी में स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसी भारतीय छात्रा माहेश्वरी तेतरवाल ने अमर उजाला से सीधी बातचीत के दौरान कुछ इस तरह अपनी पीड़ा व्यक्त की।

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माहेश्वरी ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच यदि युद्ध के ऐसे ही हालात बने रहे तो सुमी में फंसे भारतीय छात्र ज्यादा दिन तक जिंदा नहीं रह पाएंगे। बकौल माहेश्वरी, बीती रात सूमी में रूस ने एयर स्ट्राइक की। इसमें पावर प्लांट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है, जिसके बाद से ही बिजली भी गुल है। इस स्थिति में छात्रों के सामने पीने के पानी की भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

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उन्होंने बताया कि अब तो छात्र बर्फ को पिघलाकर वही पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, कड़ाके की ठंड के बीच अलाव व हीटर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में खाने-पीने की सामग्रियों की किल्लत से लेकर ठंड तक का सामना करना पड़ा है। कुछ ऐसे ही खौफनाक अनुभव पटौदी के अंकित धनखड़ ने भी साझा किए।

रूस की सीमा पर खड़ी हैं 130 बसें

गुरुग्राम निवासी छात्रा आकांक्षा, अंजलि, रितु व राजस्थान की माहेश्वरी ने बताया कि स्थिति लगातार खराब हो रही है। सुबह से ही भारी बर्फबारी हो रही है जिसको बाल्टियों में जमा कर उसी को पिघलाकर पीने के पानी का इंतजाम किया जा रहा है। दूसरे हॉस्टलों में लाइट भी नहीं है तो हीटर नहीं चल रहा है और सब ठंड से ठिठुर रहे हैं। खाने-पीने का सामान भी खत्म है।

दूतावास ने दिया निकालने का आश्वासन

अंकित ने बताया कि अगर यूक्रेन व रूस की सरकार चाहें तो रूस की सीमा के जरिए निकाल सकते हैं। सूमी से रूस की सीमा सिर्फ 80-90 किलोमीटर दूर है। खास बात यह है कि भारतीय दूतावास ने छात्रों को आश्वासन भी दिया है कि रूस की सीमा के जरिए उनको निकाला जाएगा लेकिन ऐसा कब तक किया जाएगा यह नहीं बताया गया है। दूतावास ने छात्रों को कहा है कि जहां पर हैं वहीं बने रहें।
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