74 व 61 वर्ष के बुजुर्ग अपने दो अधेड़ साथियों के साथ ठगी करने में लगे हुए थे। इन्होंने आरके पुरम इलाके में एक व्यक्ति से सात हजार रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने ठगी करने वाले इस बुजुर्ग गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। 74 वर्षीय बुजुर्ग तो वर्ष 1998 से ठगी कर रहा है। पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर पूछताछ कर रही थी।
थाना आरके पुरम पुलिस ने तीन अन्य आरोपी लोनी, गाजियाबाद निवासी सलीम (53), दरियागंज निवासी इमरान अहमद खान (55) और ब्रह्मपुरी, दिल्ली निवासी ओम प्रकाश उर्फ बिल्लू (61) को गिरफ्तार कर लिया। अशोक कुमार के खिलाफ बदरपुर में 1998 के चोरी व ठगी के दो मामले दर्ज हैं। सलीम ने वर्ष 1993 में गोकलपुरी में ठगी की थी। ठगी का दूसरा मामला राजेंद्र नगर थाने में 1999 में दर्ज हुआ था।
डीसीपी देवेन्द्र आर्या के अनुसार आरके पुरम थाने के सिपाही अजीत और जीत सिंह नौ अक्तूबर को इलाके में गश्त कर रहे थे। तभी उन्होंने चोर-चोर की आवाज सुनी। चार बुजुर्ग आरोपियों के पीछे पीड़ित भाग रहा था। दोनों सिपाहियों ने पीछा कर पश्चिमी पटेल नगर निवासी बुजुर्ग अशोक कुमार गुप्ता (74) को पकड़ लिया। बाकी आरोपी फरार होने में कामयाब हो गए।
अशोक कुमार गुप्ता के पास से ठगी के चार हजार रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में पता लगा कि आरोपी पर्ची वाला गेम खिलाने (डाइस गेम) के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। साथ में पीड़ित के पैसे भी चुरा लेते थे। ये एक पॉलिथीन में कागज की 50 से 100 पर्ची रखते थे। ये पीड़ित को पैसे दोगुना करने का झांसा देकर पर्ची निकलवाते थे। पर्ची पर जीरो लिखा होता था।
अशोक कुमार के तीन साथी भी खेल खेलने वाले बनकर गेम खेलते थे और उनकी पैसे लिखी पर्ची निकलती थी। ये उनको दोगुना पैसे दे देता था। ये देखकर पीड़ित और पर्ची निकालने के लिए उत्साहित हो जाता था। इस तरह एक पीड़ित से सात हजार रुपये ठग लिए थे।