दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि वारदात मंगलवार सुबह करीब 10.42 बजे निजाम नगर, बावली गेट के पास हुई। साइना अपने घर के बाहर कुर्सी पर बैठी हुई थी। इ के पास ही इसका नौकर शाहदत खड़ा था। वहां पहले से मौजूद वसीम ने अचानक पिस्टल निकाली। पहले उसने शाहदत को गोली मारी।
इसके बाद उसने दो बार साइना को गोली मारने का प्रयास किया, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद साइना ने वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन इस बार गोली चल गई। वसीम ने बेहद नजदीक से साइना के सिर में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी ने दूसरी पिस्टल निकालकर साइना को कई गोलियां मारी। इस पिस्टल में भी गोलियां फंसती रही, वह बड़े ही आराम से पिस्टल को ठीक कर गोलियां चलाता रहा। इस बीच गली के दूसरे ओर भीड़ तमाशबीन रही।
वारदात के दौरान घटना स्थल के पास बैठी एक महिला को आरोपी ने थप्पड़ मारा। बाद में आरोपी बड़े ही आराम से वहां से चलकर फरार हो गए। कुछ ही देर बाद मौके पर भीड़ जुट गई। इसके बाद साइना और शाहदत को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां साइना को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने बाद में हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी वसीम (30) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस हत्याकांड में रेहाना के रोल का भी पता लगा रही है। वसीम से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल दोनों पिस्टल भी बरामद कर ली हैं।
नशे का धंधा करने वालों में साइना एक बड़ा नाम था। पिछले कई सालों वह चोरी छिपे हेरोइन, स्मैक और चरस का कारोबार कर रही थी। इसी कड़ी में निजामुद्दीन के बड़े नशे के सौदागर शराफत मियां से साइना ने शादी की। शराफत से साइना की तीसरी शादी थी। इसके बाद उसने वसीम से शादी कर ली। वसीम का फाइनेंस का कारोबार है। सूत्रों का कहना है कि साइना की काली कमाई का हिसाब किताब वसीम ही रखता था। साइना कुछ माह पूर्व 800 ग्राम हेरोइन के मामले में जेल चली गई।
फिलहाल वह आठ माह की गर्भवती थी। जेल से उसने डिलीवरी कराने के नाम पर जमानत मांगी थी, जिसे मंजूर कर लिया गया था। साइना के जेल जाने पर वसीम ने उसकी बहन रेहाना से नजदीकियां बढ़ा ली और वह उसके सा थ रहने लगा। यहां तक साइना के जेल से आने के बाद वह उससे मिला भी नहीं। इस बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस आशंका जता रही है कि वसीम ने इसी वजह से उसकी हत्या कर दी।