मनीष शर्मा और उनकी पत्नी शिप्रा जोशी
- फोटो : अमर उजाला
कार के अगले हिस्से पर पलटा डंपर
मनीष बुधवार को ही दिन में अपनी सफेद रंग की आई-20 कार से भिवाड़ी गए थे। रात को खाना खाने के बाद वह भिवाड़ी से नोएडा के लिए निकले। जैसे ही यह रिंग रोड होते हुए हयात होटल, मुनिरका कट के पास पहुंचे, अचानक इनके बराबर में चल रहा बड़ा डंपर असंतुलित होकर इनकी कार के अगले हिस्से पर पलट गया। राहगीरों ने तुरंत करीब 12.00 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद तुरंत पीसीआर पहुंच गई। रिंग रोड पर एक केरिजवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया। देर रात को क्रेन की मदद से पहले डंपर को हटाया गया।
पिछली सीट पर सो रही थी बेटी, इसलिए बच गई
इसके बाद गैस कटर से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। कार की पिछली सीट पर सो रही मासूम मिशिका को निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान धौलाकुंआ से आश्रम आने वाली रिंग रोड पूरी तरह बंद रही। सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर जाम लगा रहा। राहत व बचाव कार्य के दौरान दक्षिण पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मौके पर मौजूद रहे।
शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि शायद डंपर के सीएनजी सिलिंडर का वॉल निकलने से पहले धमाका हुआ, इसके बाद डंपर अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया। पुलिस हादसे के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा आरोपी डंपर चालक की भी तलाश की जा रही है। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में अपने कब्जे में ली है।
सात दिसंबर को दंपती ने मनाई थी शादी की सालगिरह
मनीष और शिप्रा की 7 दिसंबर 2013 को शादी हुई थी। मनीष ने हैदराबाद के एक संस्थान में वकालत की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह दिल्ली में नौकरी कर रहा था। मनीष के दोस्त विवेक पाठक ने बताया कि मंगलवार को मनीष व शिप्रा ने अपनी शादी की सालगिरह मनाई थी। बुधवार को भाई आशीष ने कॉल कर दोनों को खाना खाने के लिए भिवाड़ी बुलाया था।
विवेक ने बताया कि एक राहगीर ने मनीष के मोबाइल से ही उसके दोस्त को कॉल कर हादसे की सूचना मिली। इसके बाद परिवार वहां पहुंचा। बाद में परिजनों के सामने ही करीब सवा दो घंटे बाद शवों को कार से बाहर निकाला जा सका।
कई किलोमीटर लंबा लगा जाम
हयात होटल, रिंग रोड पर हुए हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर भारी जाम लग गया। धौलाकुंआ से आश्रम आश्रम आने वाली सड़क को तो पूरी तरह बंद करना पड़ा। करीब सवा दो घंटे बचाव कार्य चलने के बाद सड़क पर फैली गिट्टी को हटाया गया। इस दौरान धौलाकुंआ तक जाम लगा रहा। दूसरा केरिजवे खुला तो था, लेकिन उस पर बस वाहन रेंग कर चल रहे थे। दूसरी ओर महारानी बाग तक वाहनों की कतार देखी गईं। 3.00 बजे के बाद ही सड़क पर यातायात सामान्य हो सका।