फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्रिलोचन हत्याकांड : फेसबुक पेज पर कत्ल का कबूलनामा, आरोपी ने लिखा-जा रहा हूं जान देने

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या में नया मोड़ आया है। एक हत्यारोपी हरमीत सिंह के फेसबुक प्रोफाइल पर एक कथित सुसाइड नोट अपलोड हुआ है। इसमें उसने हत्या के कारणों और खुद को इसके लिए जिम्मेदार बताकर सुसाइड करने की बात लिखी है। पांच पेज के नोट में हरमीत ने दावा किया है कि त्रिलोचन सिंह की हत्या उसने की है, न कि हरप्रीत सिंह ने। नोट लिखने के बाद उस पर अंगूठे के निशान लगाए गए हैं। उधर, आरोपियों को पकड़ने में जुटी पुलिस की टीमें अब भी खाली हाथ हैं।
विज्ञापन

हरमीत ने कथित सुसाइड नोट में कहा है कि त्रिलोचन सिंह उसकी हत्या कराना चाहते थे। यह बात सुनकर उसकी त्रिलोचन सिंह से कहासुनी हुई और उसने गोली मारकर हत्या कर दी। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि इस कबूलनामे की प्रामाणिकता की जांच की रही है। पुलिस इस बात की भी तकनीकी जांच कर रही है कि प्रोफाइल हरमीत का है या नहीं। अब तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि हरमीत सिंह के फेसबुक प्रोफाइल पर यह पेज सुबह 4:5 से 4:11 बजे के बीच अपलोड किया गया है। यह पेज जम्मू से अपलोड किए गए हैं।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, जम्मू में पुलिस टीम ने हरप्रीत और हरमीत के परिवार के दो सदस्यों से पूछताछ की है। टीम जम्मू और अमृतसर में आरोपियों के ठिकाने पर दबिश दे रही है। फेसबुक पर अपलोड सुसाइड नोट में आरोपी ने पंजाब में होने की बात कही है। इसे देखते हुए पुलिस आरोपियों के फोन की लोकेशन पर नजर बनाए है। हालांकि दोनों ने अपने फोन दिल्ली में ही बंद कर दिए थे।
विज्ञापन

‘शव देखकर रोने लगा था हरप्रीत’
सुसाइड नोट में दावा किया गया बै कि हरमीत दिल्ली में हरप्रीत सिंह के घर रुका था। त्रिलोचन सिंह कनाडा जाने के लिए एक दिन पहले ही हरप्रीत के घर आ गए। हरमीत का उनसे विवाद चल रहा था। इसलिए हरप्रीत के कहने पर हरमीत सिंह होटल चला गया। कुछ सामान हरप्रीत के घर पर होने की वजह से वह लौट आया। इस दौरान उसने सुना कि त्रिलोचन हरप्रीत से कह रहे थे कि हरमीत को मारने के लिए 4 करोड़ की सुपारी दी गई है। जब तक वे कनाडा से लौटेंगे, उसे मार दिया जाएगा। फिर उनका शहर पर पूरा राज होगा।
यह सुनकर गुस्से में आए हरमीत ने दरवाजा खटखटाया। कमरे में जाते ही उसने त्रिलोचन से कहा कि मुझसे क्या दुश्मनी है? तुम मुझे दोस्त बोलते हो। हरप्रीत ने हरमीत को शांत कराया और कोल्डड्रिंक लेने बाहर चला गया। वह खुद की सुरक्षा के लिए पिस्टल रखता है। उसने कमरे में गए त्रिलोचन के सिर में गोली मार दी। इसी बीच हरप्रीत पहुंचा और त्रिलोचन के शव को देखकर रोने लगा। हरमीत ने पिस्टल दिखाकर उसे धमकाया और चुप रहने को कहा।
‘हरप्रीत को एयरपोर्ट भेजा’
दावे के मुताबिक, वारदात के बाद हरप्रीत काफी डर गया था। हरमीत ने उसे त्रिलोचन की फ्लाइट के समय उनका फोन लेकर एयरपोर्ट भेजा। साथ ही निर्देश दिया कि किसी परिवारवाले का फोन आता है तो कहना कि त्रिलोचन ने फ्लाइट पकड़ ली है और फोन दिल्ली में भूल गए हैं।
हरप्रीत करना चाहता था आत्मसमर्पण
हरप्रीत बार-बार हरमीत से पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की बात कह रहा था। खुद को फंसा देख हरमीत ने भी हामी भर दी। दोनों गुरुद्वारा साहिब गए। मत्था टेकने के बाद मोती नगर थाने के पास पहुंचे, लेकिन हरमीत ने कहा कि उसे भूख लगी है। खाना खाने के बाद उसने हरप्रीत से भाग चलने को कहा। इसके बाद दोनों पंजाब आ गए। उसने सुसाइड नोट में कहा है कि हरप्रीत बेकसूर है। हत्या के लिए वह जिम्मेदार है और अब सुसाइड कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें