दिल्ली मेट्रो की अलग-अलग लाइनों पर तकनीकी खराबी से यात्रियों की बढ़ती परेशानी पर दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी)को खराबी के कारणों की जांच का निर्देश दिया है।
उन्होंने तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए की गई कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट एक हफ्ते में सौंपने को कहा है। जून में दिल्ली मेट्रो की सेवाएं अलग अलग लाइनों पर 15 मिनट से तीन घंटे तक के लिए छह बार प्रभावित हुई हैं।
सुबह और शाम के व्यस्त समय में मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को दफ्तर या जरूरी कामों के क्रियान्वयन में परेशानी हो रही है। दिल्ली मेट्रो अलग अलग लाइनों पर रोजाना करीब 47 लाख यात्राएं होती हैं। किसी भी लाइन पर मेट्रो सेवा के प्रभावित होने का खामियाजा हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
जून में शाम के वक्त दो दिन ब्लू लाइन पर मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को दूसरे परिवहन साधनों को अपनाना पड़ा। इस कारण कइयों को अपने जरूरी काम निपटाने में दिक्कत हुईं तो देरी से पहुंचने के कारण कई लोगों का काम बिगड़ गया।
जून में अब तक ब्लू लाइन पर सर्वाधिक तीन बार मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई हैं। ओवरहेड इक्विपमेंट से पक्षी के टकराने के कारण दो बार मेट्रो सेवाएं दो-तीन घंटे तक के लिए प्रभावित रहीं। इस दौरान स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही और सेवाएं सामान्य होने में देरी के कारण यात्रियों को बस, ऑटो, टैक्सी का सहारा लेना पड़ा।
ब्रेकडाउन से यात्रियों को हो रही परेशानी
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्वीट किया है कि बार-बार मेट्रो की अलग अलग लाइनों पर ब्रेकडाउन की घटनाएं हो रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने पूछा कि मेट्रो के निर्बाध परिचालन के लिए डीएमआरसी की तरफ से क्या कार्रवाई की गई और रुकावट की क्या वजह रही। उन्होंने अफसरों से सात दिन में इसकी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।