केंद्र सरकार व राज्य सरकार की आपसी तालमेल से श्रम शक्ति स्पेशल ट्रेन तो चलने लगी है। शुक्रवार को विभिन्न राज्यों से आधा दर्जन ट्रेनें छात्रों व मजदूरों को लेकर चलीं भी, लेकिन दिल्ली से ट्रेन के संचालन की पहल अभी नहीं हुई है।
रेल मंत्रालय को ना तो दिल्ली सरकार की तरफ से और ना ही अन्य राज्यों की तरफ से दिल्ली से ट्रेन चलाने की पहल की गई है। ऐसे में फिलहाल दिल्ली सरकार सड़क परिवहन के माध्यम से ही छात्र व अन्य लोगों को बुलाएगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार ने रेल मंत्रालय से अभी तक संपर्क स्थापित नहीं किया है। लिहाजा दिल्ली से ट्रेनों के संचालन की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
दरअसल, दिल्ली और मुंबई रेड जोन में हैं। ऐसे में यहां से यात्रियों को दूसरे राज्य ले जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर रेल मंत्रालय ने दिल्ली से ट्रेन चलेगी या नहीं इसकी पुष्टि नहीं की है। रेलवे जगह-जगह फंसे लोगों को उनके राज्य तक पहुंचाने के लिए ट्रेन का संचालन करने लगा है।
रेलवे तो सीधे तौर पर यात्रियों से टिकट व खाने का शुल्क नहीं ले रहा है, लेकिन राज्य सरकार रेलवे को यात्रा करने वाले यात्रियों के टिकट का एक मुश्त किराया देगी। यह भी संभव है कि राज्य सरकार यात्रियों से पैसा वसूलकर रेलवे को दे। रेलवे के अनुसार राज्य सरकार से प्रति व्यक्ति मेल/एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर का किराया, 30 रुपया सुपर फास्ट चार्ज और 20 रुपया अतिरिक्त चार्ज वसूलेगी।