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Delhi: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हादसा,  जहरीली गैस से एक मजदूर की मौत, बिना सुरक्षा उपकरण टैंक में उतरे

Tue, 26 May 2026 04:32 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रविवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक के अंदर उतरे दो मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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सेप्टिक टैंक - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रविवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक के अंदर उतरे दो मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ठेकेदार और स्थानीय लोगों ने किसी तरह दोनों को टैंक से बाहर निकाला और निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। 

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अस्पताल में एक मजदूर नोएडा सेक्टर-16 निवासी 55 वर्षीय विनोद को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 34 वर्षीय धर्मेंद्र की हालत गंभीर बनी हुई है। धर्मेंद्र का अस्पताल में उपचार जारी है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार के अनुसार हादसा न्यू अशोक नगर के ए-ब्लॉक, गली नंबर-41 स्थित एक मकान में हुआ। मकान मालिक ने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अनिल नामक ठेकेदार को बुलाया था। अनिल पहले विनोद को अपने साथ लेकर आया और बाद में धर्मेंद्र को भी बुला लिया। 

बताया जा रहा है कि दोनों मजदूरों को करीब आठ फीट गहरे टैंक में गाद निकालने के लिए उतारा गया। सफाई शुरू हुए थोड़ी ही देर हुई थी कि जहरीली गैस के कारण दोनों अंदर अचेत हो गए। ठेकेदार ने जब उन्हें बेहोश देखा तो घबरा गया। उसने मकान मालिक और आसपास मौजूद लोगों की मदद से रस्सी और कुंडे के जरिए दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया, जबकि धर्मेंद्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलने के बाद धर्मेंद्र के परिजन अस्पताल पहुंचे और उन्होंने ठेकेदार की लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर स्थिति शांत कराई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सेप्टिक टैंक में उतारा गया था। पुलिस ने लापरवाही से मौत होने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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धर्मेंद्र प्लंबर हैं...काम नहीं मिल रहा था, मजबूरी में उतरे टैंक में
धर्मेंद्र के भाई ने बताया कि वह प्लंबर का काम करता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उसे काम नहीं मिल रहा था। आर्थिक मजबूरी में उसने यह काम स्वीकार किया। परिवार का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ। धर्मेंद्र के परिवार में पत्नी रेखा और तीन बच्चे हैं।

विनोद की कमाई से चलता था घर...परिवार सदमे में
विनोद के परिजन ने बताया कि ठेकेदार अनिल अक्सर उन्हें काम पर साथ ले जाते थे और रविवार को भी वह उन्हें घर से बुलाकर लाया था। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है और घर की जिम्मेदारी विनोद पर ही थी। विनोद की मौत से परिवार सदमे में है और घर में मातम पसरा है। पुलिस ठेकेदार और मकान मालिक से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

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