नई दिल्ली। कृषि कानून के विरोध में राजपथ पर हुई आगजनी के मामले में अहम खुलासा हुआ है। पंजाब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिस ट्रैक्टर को राजपथ पर फूंका था उसे ही आठ दिन पहले अंबाला में जलाया गया था। पंजाब के चार पुलिसकर्मियों की एस्कोर्ट में उसे दिल्ली लाया गया। दिल्ली पुलिस चारों पुलिसकर्मियों से पूछताछ कर रही है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने करीब आठ दिन पहले इसी ट्रैक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर-आरआरके- 1163) को अंबाला में जलाया था। सोमवार सुबह उसे राजपथ पर लाया गया और दोबारा जलाया गया। इस ट्रैक्टर पर पहले से जलने के निशान मिले हैं। ट्रैक्टर को पंजाब पुलिस के चार पुलिसकर्मी टाटा-407 में एस्कोर्ट करके लाए थे। प्रदर्शन के दौरान भी वह पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। ये पुलिसकर्मी पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह ढिल्लो की सुरक्षा में तैनात हैं।
दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रैक्टर को एस्कोर्ट करने और आगजनी के दौरान मौके पर रहने को लेकर पंजाब पुलिस को पत्र लिखने जा रही है। दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने सोमवार दोपहर ही पंजाब पुलिस को इन पुलिसकर्मियों की भूमिका की फोन कर पूरी जानकारी दे दी थी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की बात कही।
पंजाब भवन में दबिश
दिल्ली पुलिस ने ढिल्लो की गिरफ्तारी के लिए पंजाब भवन में दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। हालांकि, वहां मौजूद पंजाब पुलिस के चारों पुलिसकर्मियों से इस बाबत पूछताछ कर रही है। ट्रैक्टर को यहां कैसे लाया गया और इसमें उनकी क्या भूमिका रही, आदि सवाल पूछे जा रहे हैं।
गैर-जमानती है एक धारा
आगजनी को लेकर तिलक मार्ग थाने में जो एफआईआर दर्ज की गई है उसमें महामारी अधिनियम, डिजास्टर मैनेजमेंट समेत आईपीसी की कई धाराएं लगाई हैं। इनमें एक धारा प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने की भी लगाई है, जो गैर-जमानती है।