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तीन सप्ताह बाद भी अस्पतालों में जारी है आईसीयू बेड की किल्लत

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नई दिल्ली, 07 मई। राजधानी में तीन सप्ताह पहले संक्रमण से हालात खराब होना शुरू हुए थे। तब से अभी तक भी अस्पतालों में बेड कि किल्लत बनी हुई है। लोग आईसीयू बेड के लिए भटक रहे हैं। शुक्रवार शाम 7 बजे तक सिर्फ 43 आईसीयू बेड खाली थे। इन अस्पतालों में जब बेड की जानकारी ली गई तो पता चला कि इन पर भी मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है।
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दिल्ली कोरोना एप के मुताबिक इस समय राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, एम्स और परमानंद अस्पताल में ही आईसीयू बेड खाली हैं। कोरोना एप पर राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 325 आईसीयू बेड में से 10 बेड खाली दिख रहे थे। खाली बेड की स्थिति जानने के लिए एप पर उपलब्ध नंबरों पर फोन किया तो दो फोन नंबर पर उपलब्ध नहीं थे।
जब तीसरे नंबर फोन डायल कर खाली बेड होने के बारे में पूछा तो फोन ऑपरेटर ने कहा कि बेड खाली नहीं है। जब प्रशासन से पूछा गया कि एप पर 10 बेड खाली होने की जानकारी दी जा रही हो तो उन्होंने कहा कि इन खाली बेड पर मरीजों को भर्ती करने के लिए खिड़की पर प्रक्रिया जारी है। इसी प्रकार एम्स और परमानंद अस्पताल के भी नंबरों पर फोन किया गया। वहां से भी यही जवाब मिला कि खाली बेड को भरने की प्रक्रिया जारी है।
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बड़े अस्पतालों से मरीजों को रेफर किया जा रहा
दिल्ली के बड़े अस्पतालों की बात करें तो किसी में कोरोना मरीजों के लिए आईसीयू बेड खाली नहीं है। आरएमएल अस्पताल के बाहर मरीजों की काफी भीड़ रहती है। यहां रोगियों को ऑक्सीजन बेड तो मिल रहा है, लेकिन अस्पताल में एक भी आईसीयू बेड खाली नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों को यहां से वापस जाना पड़ रहा है।
इसी प्रकार लोकनायक, जीटीबी सफदरजंग, अपोलो, मैक्स, फोर्टिस जैसे बड़े अस्पतालों में भी कोई आईसीयू बेड खाली नहीं हैं। यहां आने वाले गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।
बेड की संख्या बढ़ानी होगी
दिल्ली के जिन अस्पतालों ने ऑक्सीजन कि कमी के चलते बेड कि संख्या घटाई थी। उन सभी अस्पतालों को दिल्ली सरकार ने बेड संख्या को वापस पहले जितनी करने को कहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अब दिल्ली को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने लगी है। इसलिए जितने भी अस्पताल हैं वह अपने यहां बेड की संख्या को बढ़ाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत न हो।
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