फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: गुरु अर्जुन देव गुरुद्वारे में दर्शन के लिए रखे गए काबुल से लाए गए गुरु ग्रंथ साहिब के तीनों स्वरूप

Tue, 24 Aug 2021 05:27 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

तीन में से दो गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों का सुख आसन गुरुद्वारे में करवा दिया गया है। एक स्वरूप का संगत के दर्शन के गुरुद्वारे में रखा गया है।
विज्ञापन
गुरुद्वारा, फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अफगानिस्तान से लाए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को पश्चिमी दिल्ली के न्यू महावीर नगर गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु अर्जुन देव में आदर व सम्मान के साथ सुशोभित किया गया। दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी की टीम दिल्ली एयरपोर्ट से इस पावन स्वरूप को प्राप्त किया। 

विज्ञापन


यहां पांच प्यारों की अगुवाई में पावन स्वरूप पालकी साहिब में सुशोभित कर गुरुद्वारा साहिब में ले जाया गया। इस बीच पूरे रास्ते में कीर्तनीय, जत्थों द्वारा गुरु की बाणी का कीर्तन गायन किया गया। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब का दर्शन किया और फूलों की बारिश की।

तीन में से दो गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों का सुख आसन गुरुद्वारे में करवा दिया गया है। एक स्वरूप का संगत के दर्शन के गुरुद्वारे में रखा गया है। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के तीन स्वरूप व काबूल से 44 लोग जो सिख व हिन्दू परिवारों से हैं विशेष विमान से दिल्ली लाया गया।
विज्ञापन


अफगानिस्तान में हालात बिगड़ने के कारण स्थानीय लोग भारत आना चाहते हैं। पहले अमेरिका, इंग्लैंड व पश्चिमी देशों से आशा की जा रही थी पर किसी ने भी उन्हें सुरक्षित नहीं निकाला। सिरसा ने बताया कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने यह मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया तो फंसे हुए नागरिकों को निकालने का काम शुरू हुआ। 

पावन स्वरूप व लोग सुरक्षित भारत लाए गए। इसके लिए खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिख समुदाय की तरफ से दिल से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने हमारी अपील सुनी। गुरु साहिब की अपार बख्शीश के कारण यह पावन स्वरूप और लोग सुरक्षित भारत पहुंचा है। सिरसा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जो सिख व हिंदू परिवार भारत 2020 व 2021 में आए हैं, उन्हें यहां की नागरिकता दी जाए ताकि वे यहां बस सकें। बच्चे स्कूलों में पढ़ सकें और रोजगार कर सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि अभी भी 225 सिख व हिन्दू अफगानिस्तान में ही है। सोमवार को 75 लोगों को निकालने की कोशिश की गई थी पर अचानक हालात खराब होने की वजह से सभी लोगों को नहीं जाया जा सका। अफगानिस्तान से आए लोगों के ठहरने का जिनका इंतजाम नहीं है, उन्हें गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में ठहराया जाएगा और इन परिवारों की आर्थिक मदद के अलावा हर संभव मदद की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें