सीआईएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि इंदिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर तैनात सीआईएसएफ की सर्तकता टीम ने बुधवार रात साढ़े ग्यारह बजे टर्मिनल तीन पर तीन यात्रियों को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा। शक होने पर तीनों यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
इंदिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने फर्जी वीजा के जरिए विदेश जाने की कोशिश कर रहे एक दंपती और उसकी बेटी को पकड़ा। सीआईएसएफ अधिकारियों ने यात्रियों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के अधिकारियों को सौंप दिया है। अधिकारी इनसे पूछताछ कर जांच में जुटे हैं।
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सीआईएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि इंदिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर तैनात सीआईएसएफ की सर्तकता टीम ने बुधवार रात साढ़े ग्यारह बजे टर्मिनल तीन पर तीन यात्रियों को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा। शक होने पर तीनों यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
यात्रियों की पहचान अश्वनी कुमार शंकर भाई पटेल, उसकी पत्नी सुधाबेन और बेटी सृष्टि के रूप में हुई। पूछताछ और जांच में पता चला कि तीनों यात्री सांताक्रूज (संयुक्त राज्य अमेरिका) की यात्रा करने वाले थे। उनके कागजात की जांच करने के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों को पासपोर्ट पर चिपकाए गए कनाडाई वीजा जाली लगा। पूछताछ करने पर अश्वनी ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। सीआईएसएफ अधिकारियों ने कनाडाई दूतावास के प्रतिनिधि से संपर्क किया। जिन्होंने वीजा जाली होने और उसे रद्द किए जाने की बात कही। उसके बाद तीनों यात्रियों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।