22 दिसंबर 2021 को अंकित ने बताया कि वह कनाट से दिल्ली आ रहा है। उसने विश्वास जीतने के लिए अपनी फ्लाइट और सीट का नंबर भी पीड़िता को बताया। इसके बाद आरोपी ने फोन कर बताया कि वह दिल्ली आ गया है, उसे कस्टम अधिकारियों ने रोक लिया है। दरअसल उसके पास भारी मात्रा में कनाडा के डॉलर हैं। इसके बाद एक महिला ने मनविंदर को कॉल कर खुद को कस्टम अधिकारी बताकर कहा कि अंकित उनकी कस्टडी में है। उसे छुड़ाने के लिए 55900 रुपये देना होंगे। मनविंदर ने दो अलग-अलग खातों से महिला द्वारा दिए गए बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करवा दिए।
इसके बाद आरोपी ने 1.50 लाख रुपये और डिमांड की। मनविंदर समझ गई कि उसके साथ ठगी हो गई है। शिकायत मिलते ही मध्य जिला के साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। आरोपियों के मोबाइल नंबर और जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए उनकी पड़ताल की गई। जांच में पता चला कि इस खातों में देशभर से पैसा आया। पुलिस ने इन मोबाइल नंबरों से जुड़े बाकी खातों का पता किया तो पुलिस के होश उड़ गए। देशभर से करोड़ों रुपये इन बैंक खातों में आए थे। रुपये बैंक में आते ही या तो उनको दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था या फिर एटीएम की मदद से तुरंत कैश निकाल लिया जाता था। पुलिस ने एटीएम की सीसीटीवी फुटेज व बाकी दूसरे टेक्निकल सर्विलांस की मदद से ग्रेटर नोएडा से पॉल ओंयेजी और समुएल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद इनकी निशानदेही पर तीसरा साथी चार्ल्स भी ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार हो गया। इनके पास से भारी मात्रा में सामान और कैश बरामद हुआ।
पूरे एशिया में फैले हैं गैंग के तार
पुलिस की पूछताछ में आरोपी पॉल ओेंयेजी ने बताया कि वह वर्ष 2020 में वह पढ़ाई के लिए नाइजीरिया से भारत आया था। यहां उसने नोएडा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में बीबीए में दाखिला लिया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी शुरू कर दी। समुएल वर्ष 2013 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। इसी तरह चार्ल्स दो साल पूर्व बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। यहां इन लोगों ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट और सोशल मीडिया पर लड़के-लड़कियों से दोस्ती कर विदेशों से गिफ्ट भेजने का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। पॉ ओंयेजी ने बताया कि पूरे एशिया में उनके देश के लोग इसी तरह ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ठगी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से नाइजीरिया भेज दिया जाता है।
कुछ माह में 2.20 करोड़ तो आठ साल में कितने की ठगी
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपियों ने पिछले कुछ माह के दौरान 2.20 करोड़ की ठगी की। इनके बैंक खातों की जांच से इसका पता चला है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया है कि यह पिछले करीब आठ सालों से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। माना जा रहा है कि आठ सालों के दौरान यह कई करोड़ की ठगी कर चुके हैं। पुलिस इनके बैंक खातों की डिटेल्स निकलवा रही है। अभी आरोपी खुद ही बता रहे हैं कि इन लोगों ने एक हजार से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की है।