नई दिल्ली। पुलिस की स्पेशल सेल ने लारेंस बिश्नोई-काला जठेड़ी गिरोह के तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। इनमें से दो बदमाशों को पैर में गाली लगी है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये बदमाश दोहरे हत्याकांड में भी वांछित थे। इनके पास से .32 बोर की दो सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, दो कारतूस, तमंचा और राजस्थान से चोरी मारुति वैन बरामद की गई है।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसीपी ललित मोहन नेगी और हृदय भूषण नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर आदित्य सिंह की टीम ने लारेंस बिश्नोई-काला जठेड़ी गिरोह के तीन बदमाशों नरेला निवासी वसीम खान उर्फ वसीम (32), नाजिम अली (31) और बवाना निवासी पंकज उर्फ विक्की (29) की सूचना पर घुम्मनहेड़ा-नजफगढ़ रोड पर घेराबंदी की।
पुलिस के मुताबिक, बदमाश वैन मेें पहुंचे। पुलिस ने सरेंडर करने को कहा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने पांच गोलियां चलाईं। जवाबी गोलीबारी में पुलिस ने वसीम व पंकज के पैर में एक-एक गोली मारकर दबोच लिया।
पूछताछ में पता चला कि इन बदमाशों ने वर्ष 20 में नरेला थाना इलाके में शाहबाज उर्फ बाजी पर गोली चलाई थी। गोली शाहबाज के अलावा वहां से गुजर रहे एक अन्य व्यक्ति को भी लग गई थी। इससे दोनों की मौत हो गई थी। पंकज को अप्रैल, 2020 में पेरोल मिला था।
उसने अपने साथियों के साथ संदीप के कहने पर सितंबर 20 में सोनीपत के लिबासपुर गांव में ढोल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसका मामला सोनीपत में दर्ज हुआ था। संदीप की ढोल के साथ रंजिश थी। ढोल ने संदीप के पिता को थप्पड़ मार दिया था। इस पर संदीप के पिता ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पंकज ने एक व्यक्ति पर बवाना पर गोली चला दी थी।