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यह तलवारों की नहीं, विचारों की लड़ाई : धीरेंद्र शास्त्री

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छतरपुर स्थित कात्यायनी मंदिर से वृंदावन तक आज शुरू होगी 150 किलोमीटर की पदयात्रा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार को छतरपुर स्थित कात्यायनी मंदिर से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता यात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह तलवारों की नहीं, विचारों की लड़ाई है। यह सनातन विचार और राष्ट्रवाद के पुनर्जागरण की यात्रा है।
धीरेंद्र शास्त्री ने बृहस्पतिवार को बताया कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुक्रवार सुबह कात्यायनी माता मंदिर से राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ प्रारंभ होगी। यह यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के छह जिलों के लगभग 422 ग्राम पंचायतों से गुजरेगी। यात्रा की कुल दूरी 150 किलोमीटर होगी और यह दस दिन तक चलेगी। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 40,000 श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो चुका है और यह संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है। यात्रा में देशभर से संत, महंत, अभिनेता, खिलाड़ी और राजनेता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हम मुसलमानों या ईसाइयों के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुओं के पक्ष में पदयात्रा कर रहे हैं। यह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध की यात्रा नहीं, बल्कि विचारों की क्रांति है। हमारा उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां सनातन परंपरा और राष्ट्रवाद की राह पर चलें।
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उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान हर दिन सात संकल्प लिए जाएंगे, इनमें यमुना माता का शुद्धिकरण, भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना, गो माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देना, श्रीकृष्ण जन्मभूमि का भव्य मंदिर निर्माण, ब्रज क्षेत्र में मदिरा पर प्रतिबंध, धर्मांतरण व लव जिहाद पर रोक और जात-पात मिटाकर सामाजिक समरसता स्थापित करना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा में कोई भी व्यक्ति अस्त्र-शस्त्र लेकर न आए और माताओं-बहनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक दिन की यात्रा सिख गुरु तेग बहादुर की शहादत को समर्पित होगी, जबकि एक अन्य दिन किसानों को समर्पित की जाएगी।
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