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Delhi News: बेटी की परीक्षा के चलते छुट्टी लेने वाली महिला कर्मचारी की सजा रद्द

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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की एक महिला अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ लगाई गई दंडात्मक सजा को पूरी तरह रद्द कर दिया। महिला अधिकारी को अपनी नाबालिग बेटियों को बोर्ड परीक्षाओंं में मदद के लिए अवकाश लेने पर दंडित किया गया था।
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न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति मधु जैन की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) को बार-बार मनमाने तरीके से खारिज करना, प्रक्रियात्मक खामियां और दोषपूर्ण अनुशासनिक कार्रवाई न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता रितु रवि प्रकाश, जो केंद्रीय सचिवालय सेवा में सहायक अनुभाग अधिकारी हैं, ने अपनी दो नाबालिग बेटियों (एक की 12वीं और दूसरी की 10वीं बोर्ड परीक्षा) के लिए 2013-2015 के दौरान कई बार चाइल्ड केयर लीव मांगी थी। विभाग ने स्टाफ की कमी का हवाला देकर उनकी सभी अर्जियां खारिज कर दीं। इसके बाद लंबी अनुपस्थिति को अनधिकृत मानते हुए उन पर अनुशासनिक कार्रवाई की गई और सितंबर 2019 में वेतनमान में दो स्टेज की कटौती (3 साल के लिए, बिना इंक्रीमेंट के) की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने 23 सितंबर 2019 की दंडादेश और सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के 29 जून 2021 के आदेश को रद्द कर दिया तथा केंद्र सरकार को 8 हफ्तों के अंदर याचिकाकर्ता का वेतन और सभी सेवा लाभ बहाल करने का निर्देश दिया। ब्यूरो
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