नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले को बरकरार रखा है। दोषी अधिकारी की 2016 में एक विवाहित महिला अधिकारी के साथ आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा बलों के अधिकारी को निजी जीवन में भी उच्च नैतिक मानदंडों का पालन करना चाहिए, क्योंकि उनकी कोई भी गलती राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठा सकती है। न्यायमूर्ति हरि शंकर और ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए बीएसएफ के 2021 के फैसले का समर्थन किया। यह फैसला बीएसएफ नियम 20 के तहत लिया गया था, जो दुराचार के मामलों में सामान्य सुरक्षा बल न्यायालय (जीएसएफसी) के बिना ही सेवा समाप्ति की अनुमति देता है, यदि अधिकारी की आगे सेवा अवांछनीय हो। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अवैध संबंधों में लिप्त होना सुरक्षा बलों के अधिकारी के लिए अस्वीकार्य है। ब्यूरो