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Delhi News: प्लाट में परिवारों को बसाने वाला गिरफ्तार, मालिक की तलाश जारी

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जैतपुर के हरिनगर पार्ट-2 में दीवार गिरने से सात लोगों की मौत का मामला
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पांच शवों को ले जाया गया पश्चिम बंगाल तो दो असम, अस्पताल में भर्ती हसीबुल की हालत बनी है नाजुक

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के जैतपुर स्थित हरिनगर पार्ट-2 में शनिवार सुबह हुए हादसे के मामले में पुलिस ने खाली प्लाट में बसाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी खुर्शीद के रूप में हुई है। खुर्शीद ही इन परिवारों से कबाड़ इकट्ठा करवाकर बिकवाता था।
जिला पुलिस उपायुक्त डॉक्टर हेमंत तिवारी ने बताया कि खुर्शीद ने राजबीर का प्लाट किराए पर लिया हुआ था। यहां खुर्शीद ने ही झुग्गियां बसवाई थी। वहीं अब पुलिस प्लाट के मालिक राजबीर भाटी की तलाश कर रही है। दूसरी ओर इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि समाधि स्थल की दीवार कैसे गिरी। सूत्रों का कहना कि दीवार बिना कॉलम के ही जरूरत से ज्यादा ऊंची और लंबी बनाई गई थी। हालांकि कई लोगों की दलील है कि बारिश की वजह से दीवार की बुनियाद में पानी पहुंचा और वह जमींदोज हो गई। रविवार को टीम हादसे की जांच के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस एक-एक कर बाकी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सभी सात लोगों रुकसाना, रबीबुल, हसीना, रुबीना और मुर्तजा अली उर्फ मुत्तू के शवों का पोस्टमार्टम एम्स ट्रामा सेंटर में करवाया गया। वहीं शफीकुल और उसकी पत्नी डॉली के शव का पोस्टमार्टम सफदरजंग अस्पताल में हुआ।
एक-एक पैसों के लिए मोहताज परिजनों के पास शवों के अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद पश्चिम बंगाल से कुछ स्थानीय नेता अस्पताल पहुंचे। पश्चिम बंगाल में बातचीत के बाद शवों को हवाई जहाज के लिए पश्चिम बंगाल ले जाने की बात हुई। बाद में देर शाम पांच शव पश्चिम बंगाल भेज दिए गए।

वहीं शफीकुल और उसकी पत्नी डॉली का शव असम भेज दिया गया। सुबह के समय से ही मृतकों के परिजन दोनों अस्पतालों में जुटे हुए थे। दोपहर बाद शव लेकर यह लोग अपने-अपने पैतृक निवास के लिए निकल गए। दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती हसीबुल की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
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पश्चिम बंगाल से कमाने के लिए दिल्ली आया था परिवार...
रबीबुल की मां मन्नू हादसे के बाद से ही बार-बार बेहोश हुए जा रहे हैं। हादसे में उनके बेटे, बहू और दो पोतियों की मौत हो गई है। इनके दूसरे बेटे हसीबुल की हालत भी नाजुक बनी हुई है। बुजुर्ग मन्नू ने बताया कि कमाने की नियत से तीन साल पहले उनका परिवार दिल्ली आया था।
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