नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड में गड़बड़ी फैलाने की साजिश का खुलासा किया है। खुफिया एजेंसियों से ऐसे इनपुट्स मिले हैं कि पाकिस्तान से परेड पर नजर रखी जा रही है और आतंकी संगठन इस दौरान हमला कर माहौल बिगाड़ सकते हैं।
स्पेशल पुलिस आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने बताया कि पाकिस्तान से जनरेट करीब 308 ट्विटर हैंडल से परेड में गड़बड़ी फैलाने के इनपुट्स मिले हैं। इसको देखते हुए परेड के दौरान अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम का फैसला किया गया है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने सोशल मीडिया की छानबीन की है, जिसमें पता चला कि 13 से 18 जनवरी के बीच पाकिस्तान में 308 ट्विटर हैंडल जनरेट हुए हैं। इनके जरिए ट्रैक्टर परेड के दौरान गड़बड़ी फैलाए जाने की बात सामने आई है। संयुक्त किसान मोर्चा से इस बारे में बातचीत की गई है और गणतंत्र दिवस के बाद ट्रैक्टर परेड निकाले जाने पर आम सहमति बनाई गई। पाठक ने बताया कि 26 जनवरी को ही खास तरीके से ट्रैक्टर परेड निकली जाएगी और सभी नियमों के अनुसार होगा। किसानों के नुमाइंदों की मदद के साथ सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के बाद पूरे सुरक्षा अमले को परेड रूट पर डाइवर्ट किया जाएगा। सुरक्षा को लेकर यूपी और हरियाणा पुलिस से भी तालमेल रखा जा रहा है।
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तीन सीमाओं से ट्रैक्टर परेड के रूट तय
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड को हरी झंडी देने के बाद रविवार को पुलिस ने किसानों के साथ बैठक में ट्रैक्टर परेड के रूट को अंतिम रूप दे दिया गया। किसान सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से 100 किलोमीटर तक के दायरे में गणतंत्र दिवस की परेड के बाद बाहरी दिल्ली इलाके ट्रैक्टर परेड करेंगे। चिल्ला बॉर्डर वाले किसान गाजीपुर जाएंगे। इससे पहले किसानों ने ट्रैक्टर परेड के लिए अनुमति मांगी थी, जिसकी दिल्ली पुलिस ने इजाजत दे दी।
विशेष पुलिस आयुक्त (इंटेलिजेंस) दीपेंद्र पाठक ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के समाप्त होने के बाद किसान दिए गए रूट पर ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। दिल्ली पुलिस किसान नेताओं के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक परेड को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करवाएगी। पाठक ने बताया कि किसानों को टिकरी बॉर्डर से 62 किलोमीटर की दूरी, सिंघु बॉर्डर से 62 और गाजीपुर बॉर्डर से करीब 46 किलोमीटर की दूरी का रूट दिया गया है। पुलिस के अनुसार, ट्रैक्टर परेड का 45 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में होगा।
दिल्ली पुलिस के लिए होगी चुनौती
पाठक ने कहा कि दिल्ली पुलिस के लिए ट्रैक्टर परेड चुनौती भरी होगी। दिल्ली पुलिस पूरी तरह अनुशासित होकर इस परेड का आयोजन करवाएगी। परेड के लिए सुरक्षा व्यवस्था, हादसे से निपटने के उपाय, किसी भी तरह की आपात स्थिति और रूट पर सुरक्षा बलों की संख्या सहित कई पहलुओं पर तैयारी शुरू कर दी है।
बॉर्डरों पर हैं 12-15 हजार ट्रैक्टर
एक सवाल के जवाब में विशेष आयुक्त ने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि परेड में कितने ट्रैक्टर शामिल होंगे। अनुमान के मुताबिक सिंघु बॉर्डर पर पांच हजार, टिकरी पर सात हजार और गाजीपुर बॉर्डर पर एक हजार ट्रैक्टर मौजूद हैं। विशेष आयुक्त ने यह नहीं बताया कि परेड में कितने ट्रैक्टर शामिल होंगे और उनकी समय सीमा क्या होगी। उनका कहना है कि किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली की अनुमति मांगी है और इसी दिन परेड खत्म करनी होगी।
क्या-क्या रहेगा रूट
सिंघु बॉर्डर: किसान सिंघु बॉर्डर से दिल्ली में 10 किलोमीटर भीतर दाखिल होंगे। इसके बाद संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, बवाना, कंझावाला, कुतुबगढ़ होते हुए औचंडी बॉर्डर पहुंचेंगे, फिर हरियाणा में दाखिल होंगे और वापस सिंघु बॉर्डर आएंगे।
टिकरी बॉर्डर: किसान टिकरी बॉर्डर से नांगलोई जाएंगे। वहां से बापरोला गांव होते हुए नजफगढ़ पहुंचेंगे। इसके बाद झरौदा बॉर्डर और यहां से रोहतक बाईपास (बहादुरगढ़) पहुंचेंगे और असोदा होते हुए वापस टिकरी बॉर्डर आएंगे।
गाजीपुर बॉर्डर: गाजीपुर बॉर्डर से किसानों की ट्रैक्टर परेड 46 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यहां से पहले अपसरा बॉर्डर जाएंगे। इसके बाद हापुड़ रोड होते हुए आईएमस कॉलेज और वहां से लाल कुआं होते हुए वापस गाजीपुर बॉर्डर आएंगे।
चिल्ला बॉर्डर: यहां धरनारत किसान गाजीपुर बॉर्डर जाएंगे और वहां से तय किए गए रूट पर ट्रैक्टर परेड करेंगे।