आईएसआई प्रायोजित अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल के सरगना गगनप्रीत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी गगनप्रीत पिछले साल भी दिल्ली आया था। वो पहाड़गंज में मौसा के घर ठहरा था। पुलिस दिल्ली में उसकी गतिविधियां और संपर्क खंगाल रही है।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने आईएसआई प्रायोजित अंतरराज्यीय आतंकी और हथियार तस्करी करने वाले जिस आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है उसका सरगना दिल्ली से गिरफ्तार गगनप्रीत है। जांच में सामने आया है कि गगनप्रीत पिछले वर्ष अक्तूबर में भी दिल्ली आया था।
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उस दौरान वह मध्य दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में अपने मौसा के घर ठहरा था। अब स्पेशल सेल इस पूरे दौरे की पड़ताल कर रही है कि वह किन-किन स्थानों पर गया, किससे मिला और उसकी गतिविधियां क्या थीं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में रहने के दौरान गगनप्रीत ने राजधानी के कई संवेदनशील स्थानों, विशेषकर दिल्ली पुलिस के डीसीपी कार्यालयों, पुलिस थानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी की थी।
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इन स्थानों से जुटाई गई जानकारी और तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचाई गई थीं। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, डिजिटल डाटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से उसके मूवमेंट का पूरा ब्योरा तैयार कर रही है।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक, गगनप्रीत के मोबाइल से कई डिजिटल स्कैनर और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सुराग भी मिले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसे पाकिस्तान से किस माध्यम से धन भेजा गया, कितनी रकम मिली और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया। पुलिस इस वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर रही है।
अपना नेटवर्क खड़ा कर रहा था
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गगनप्रीत पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के सीधे संपर्क में था। सोशल मीडिया के जरिए उसे लगातार निर्देश मिल रहे थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह पंजाब समेत उत्तर भारत में अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर रहा था, जिसका इस्तेमाल भविष्य में आतंकी गतिविधियों और टारगेट किलिंग जैसी वारदात के लिए किया जाना था।
संपर्क में आए लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही
स्पेशल सेल का कहना है कि गगनप्रीत के पिछले दिल्ली दौरे से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। यदि उस दौरान उसके संपर्क में आए अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस जांच से मॉड्यूल के नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।