अदालत ने दिल्ली दंगों के मामले में दायर आरोप पत्र व उससे जुड़े सभी दस्तावेज को पेन ड्राइव में सौंपने संबंधी सही जानकारी न देने पर छह आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। आरोपियों ने कहा था कि जांच अधिकारी ने उन्हें दस्तावेज नहीं सौंपे जबकि अदालत ने पाया कि आरोपियों को पहले से ही दस्तावेज पेन ड्राइव में मिल चुके हैं।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने आरोपी फिरोज खान, इकबाल, जाकिर, शाकिर, सिराजुद्दीन व अनस पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना करते हुए एक सप्ताह में जुर्माना राशि जमा करवाने का निर्देश दिया है। अदालत ने हाल ही में आरोपियों के आवेदन पर उस्मानपुर थानाध्यक्ष से मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि आरोपियों को 17 फरवरी को पेन ड्राइव में आरोप पत्र सहित सभी दस्तावेज नए सिरे से दे दिए गए है हालांकि उन्हें पहले से ही पेन ड्राइव में दस्तावेज प्रदान कर दिए गए थे। अदालत ने पाया कि जांच अधिकारी का कथन सत्य है और आरोपियों को दस्तावेज पहले भी प्रदान किए जा चुके हैं।
अदालत ने इससे पहले आरोपियों के आवेदन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित थानाध्यक्ष से जवाब मांगा था कि अदालत में आरोप पत्र दायर होने के बाद आदेश के बावजूद आरोपियों को दस्तावेज क्यों नहीं सौंपे गए।