सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों की सुविधा के लिए एक स्वयंसेवी संस्था की ओर से दो बेड वाले अस्थायी अस्पताल की शुरुआत करने की योजना बनाई जा रही है। 30 नवंबर को बॉर्डर पर लाइफकेयर फाउंडेशन की ओर से मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया था। फार्मासिस्ट सादिक मोहम्मद ने बताया कि बारिश की वजह से शुरुआत में देरी हुई, पहले बुधवार से अस्थायी अस्पताल की शुरुआत की तैयारी थी।
सादिक ने बताया कि हमारा टेंट लीक होने लगा, इसलिए पहले टेंट को वाटरप्रूफ बनाएंगे, ताकि अस्पताल में मरीजों को बारिश की वजह से परेशानियों का सामना न करना पड़े। अस्पताल में फार्मासिस्ट, तकनीकी सहायकों सहित आठ स्वयंसेवक मोहाली से सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे हैं। इनमें से पांच टेंट में सोते हैं, जबकि तीन स्वयंसेवक नजदीकी पीजी में रहते हैं।
स्वयंसेवक अवतार सिंह ने बताया कि बुधवार से कैंप में ईसीजी की सुविधा मिलेगी। हालांकि उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि बारिश की वजह से दवाइयों के छह बॉक्स खराब हो गए हैं, लेकिन बेहतर वाटरप्रूफिंग के बाद ईसीजी की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
स्वयंसेवकों ने बताया कि हृदय संबंधी परेशानी के साथ मंगलवार को पांच-छह मरीज पहुंचे, इसलिए उन्हें देखते हुए ईसीजी की सुविधा सबसे पहले शुरू की जाएगी। स्वयंसेवेकों ने सरकार से आग्रह किया है कि अगर कोई गंभीर मरीज पहुंचता है तो तत्काल नजदीकी अस्पताल सहयोग करें, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।
दो बिस्तरों वाला अस्पताल 24 घंटे काम करेगा, जहां दो डॉक्टर मरीजों की निगरानी करेंगे। सादिक ने कहा कि अस्पताल में शुरुआत में एक ही मरीज को भर्ती किया जाएगा, अगर कोई गंभीर है तो उसके उपचार के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी ताकि परेशानी न आए। सादिक ने बताया कि 40 प्रतिशत लोग आसपास के क्षेत्रों में काम करने या रहने वाले हैं।