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खोरी गांव : सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अरावली में बने अमीरों के फार्म हाउस भी हटाए निगम

Sat, 24 Jul 2021 06:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  

सार

  • खोरी गांव स्थित अवैध निर्माण को ढहाने पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार 
  • फरीदाबाद निगम ने खोरी में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ज्यादा काम है चार हफ्ते का वक्त देते हैं
  • 150 एकड़ में से 74 एकड़ से अतिक्रमण और लोगों को हटाया जा चुका है
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फरीदाबाद नगर निगम को खोरी गांव ही नहीं, अरावली वन क्षेत्र में स्थित सभी अवैध फार्म हाउस और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी हटाने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वन क्षेत्र में गरीबों का कब्जा है या अमीरों का। साथ ही, शीर्ष अदालत ने एक बार फिर खोरी गांव में स्थित अवैध निर्माण को ढहाने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने फरीदाबाद नगर निगम को यह कार्रवाई चार हफ्ते में पूरी करने के लिए कहा है।

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जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने कहा कि ऐसा कोई भी निर्माण, जो वन क्षेत्र में अवैध रूप से बना है, निगम को उसे हटाना ही होगा। इसमें कोई अपवाद नहीं हो सकता। सुनवाई के दौरान फरीदाबाद नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि 150 एकड़ में से 74 एकड़ से अतिक्रमण और लोगों को हटाया जा चुका है। निगम ने शेष अतिक्रमण को हटाने के लिए पीठ से तीन हफ्ते का समय मांगा। इस पर पीठ ने कहा कि यह भारी-भरकम काम है। इसलिए हम चार हफ्ते का वक्त देते हैं। 

दूसरी ओर, खोरी गांव के निवासियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्विस ने एक बार फिर पुनर्वास का मुद्दा उठाया। गोंसाल्विस ने कहा कि पुनर्वास की नई नीति खामियों से भरी है। इस नीति के तहत किसी एक को भी घर नहीं मिलेगा। पीठ ने पाया कि यह केवल मसौदा है, न कि अंतिम नीति। पीठ ने गोंसाल्विस से संबंधित अथॉरिटी को सुझाव देने के लिए कहा।
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हर हाल में खाली होना चाहिए वन क्षेत्र
सुप्रीम कोर्ट ने 7 जून को फरीदाबाद नगर निगम को खोरी गांव के वन क्षेत्र में स्थित 10 हजार घरों को छह हफ्ते के भीतर ढहाने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि हर हालत में वन क्षेत्र खाली होना चाहिए। इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

संयुक्त राष्ट्र की चिंता को किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने बेदखली के कारण लोगों के बेघर होने के संबंध में संयुक्त राष्ट्र द्वारा उठाई गई चिंताओं को भी शुक्रवार को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र को हमारे पिछले आदेशों और पेपरबुक को पढ़ना चाहिए था।’ पीठ ने यह टिप्पणी तब की, जब वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने बेदखली के संबंध में संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का हवाला दिया। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने हाल ही में एक बयान जारी कर भारत से बेदखली रोकने का आग्रह किया था।
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100 से ज्यादा फार्म हाउस गिराए जाएंगे
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अरावली में बने 100 से ज्यादा फार्म हाउसों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होगी।  

800 और मकानों को तोड़ा गया
शुक्रवार को भी तोड़फोड़ जारी रही। निगम ने करीब 800 मकानों पर पीला पंजा चलाया। लालकुआं की तरफ से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की। 

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