यूके की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित मोनरो ई-प्राइस मीडिया ला मूट कोर्ट प्रतियोगिता में जज की भूमिका अदा कर सुगंधा जैन ने राजधानी दिल्ली का गौरव बढ़ाया है। मूल रूप से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की रहने वाली सुगंधा जैन नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन की दिल्ली में इंपैनल लॉयर हैं और वर्षों से वह दिल्ली में रहकर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
बोनवरो इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने 12 से 16 अप्रैल के बीच ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में यह महत्वपूर्ण प्रतियोगिता आयोजित की थी। जिसमें दुनियाभर के 150 कॉलेजों की टीमों ने हिस्सा लिया। फ्रांस, जर्मनी, लंदन, मलेशिया और भारत समेत कई अन्य देशों ने इसमें बागीदारी की थी।
इसमें खास बात यह है कि बंगलोर के कॉलेज ने ही इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया है। जबकि ऑनलाइन आयोजित हुई इस प्रतियोगिता के फाइन राउंड में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के रिसर्च एसोसिएट प्रोफेसर रिचर्ड डेनबरी और फ्रांसेसा फैनुकी जैसे प्रतिष्ठित विद्वानों के साथ सुगंधा जैन ने जज की भूमिका अदा कर देश और दिल्ली का गौरव बढ़ाया है।