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पहल : सोसायटी के फ्लैट को ही मिनी अस्पताल में कर दिया तब्दील

Wed, 21 Apr 2021 05:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली

सार

  • मुखर्जी नगर की एसएफएस सोसायटी ने नजीर पेश की
  • मिनी अस्पताल बना मुखर्जी नगर का डीडीए फ्लैट
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मरीजों के लिए लगे बेड... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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संकट के इस दौर में जब सभी दरवाजे बंद दिखाई दे रहे हों तो पड़ोसी ही साथ निभाने को आगे बढ़ते हैं। जब अस्पतालों में बेड खाली नहीं है, मरीजों को ऑक्सीन नहीं मिल पा रही हो, न समय पर दवा ही मिल रही हो और न डॉक्टर। यहां तक कि कोरोना संक्रमण की वजह से  मरीजों से भी दो गज की दूरी बनाने की सलाह दी जा रही हो। ऐसे में मदद के लिए हाथ बढ़े तो नजीर बन जाती है। ऐसा ही कुछ किया है मुखर्जी नगर के डीडीए एसएफएस सोसायटी के लोगों ने। 

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एक तरफ जहां केंद्र और राज्य सरकार यहां तक कि डीआरडीओ दिल्ली के विभिन्न इलाकों में क्वारंटीन सेंटर, आइसोलेशन सेंटर और मरीजों के लिए अस्पताल का निर्माण कर रही है तो वहीं विभिन्न प्रदेशों से दिल्ली की सोसायटी में बसे लोग खुद आगे बढ़कर इस तरह के क्वारंटीन सेंटर बना रहे है। इस क्वारंटीन सेंटर को 10 बेड वाले अस्पताल के तौर पर विकसित किया गया है, जहां मरीजों के लिए बेड, ऑक्सीजन, दवाइयां, आरटीपीसीआर जांच की सुविधा और यहां तक कि डॉक्टर भी तैनात हैं। सोसायटी के ही डॉक्टर इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

हर तरफ से मदद को बढ़े हाथ
हर किसी के प्रयास से एक फ्लैट को दस बेड वाले अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है। इसके लिए सोसायटी के लोगों ने ही अपना निजी फ्लैट दिया तो तो किसी ने अपने खर्च से ऑक्सीजन की व्यवस्था की है तो कई लोगों ने इस काम के लिए आगे बढ़कर आर्थिक मदद की है। इसी तरह सोसायटी में ही रहने वाले डॉ सुमन कुमार, डॉ. डीके सिंह, डॉ. हिमांशु, डॉ. अखिल रोहतगी समेत कई डॉक्टर कोरोना के मरीजों की देखभाल कर रहे है। 
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मिनी अस्पताल के तौर पर विकसित किया गया है
आरडब्ल्यूए के सचिव व हिंदू कॉलेज के प्रोफेसर चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि सोसायटी के लोगों की मदद से ही एक फ्लैट को मिनी अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है। कोई आर्थिक रूप से मदद दे रहा है तो कोई ऑक्सीन, बेड, दवा, मास्क समेत अन्य मेडिकल उपकरण देकर। कोरोना के मरीजों को बेहतर उपचार मिले यही लक्ष्य लेकर पूरा सोसायटी चल रहा है। जल्द ही अन्य खाली फ्लैट को भी मिनी अस्पताल में तब्दील किया जाएगा। मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी। कोरोना योद्धा की तरह सोसायटी के लोगों का साथ मिल रहा।

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