दिल्ली विश्वविद्यालय में नए सत्र का आगाज हो चुका है। ऐसे में रामानुजन कॉलेज के पर्यावरण विभाग ने नए छात्रों के लिए अनूठी पहल शुरू की है। कॉलेज में इस बार नए छात्रों को ग्रीन कैंपस बनाने की जापानी तकनीक सिखाई जा रही है। इसके तहत छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ कैंपस को हरा-भरा बनाना होगा। कॉलेज ने हापुड़ की एक कंपनी से करार किया है। कंपनी पौधों के लिए ऐसी सामग्री उपलब्ध करा रही है, जिसने पौधों को तेजी से बढ़ने में मदद की है।
डीयू के दक्षिणी कैंपस स्थित रामानुजन कॉलेज का कैंपस करीब पांच साल पुराना है। देशबंधु सांध्य से इसे प्रात:कालीन पाली के रूप में तब्दील किया गया है। इसके नए कैंपस में हरियाली की कमी है। ऐसे में कैंपस को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण को बेहतर करने के लिए कॉलेज ने पिछले दिनों एक कंपनी से करार किया है। इसके तहत ऐसे पौधे लगाए जा रहे हैं, जो जल्द ही कैंपस को हरा-भरा बना देंगे। ये पौधे सामूहिक रूप से विकसित होते हैं और तेजी से बढ़ते हैं।
कॉलेज की आंतरिक गुणवत्ता सेल की प्रभारी प्रो. के लता ने बताया कि इस योजना के तहत छात्र पौधरोपण का काम कर रहे हैं। इसके तहत उन्हें पौधे की ऐसी प्रजाति दी गई है जो जल्द बढ़ेंगे और कॉलेज को हरा-भरा बनाएंगे। पर्यावरण विभाग के छात्रों को इस काम में विशेष तौर पर लगाया गया है। कॉलेज में दो साल पहले पर्यावरण विज्ञान में ऑनर्स का कोर्स शुरू किया गया है।
प्राचार्य प्रो. एसपी अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय का यह एकमात्र ऐसा कॉलेज है, जो पर्यावरण को लेकर विशेष कोर्स चला रहा है। छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए कैंपस को ग्रीन बनाने की पहल शुरू की गई है, जल्द ही इसके परिणाम सामने आने लगेंगे।