फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली : उद्यमिता के लिए विद्यार्थियों ने सीखे सफलता के मंत्र, साथ में विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

Sat, 09 Apr 2022 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

डीटीयू में तीन दिवसीय ई-समिट का आगाज, अमर उजाला है कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर। पहले दिन दो पैनल में चर्चा का आयोजन किया गया। पहले पैनल में पुरुष व दूसरे में महिलाओं ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया।
विज्ञापन
ई-समिट का आगाज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में शुक्रवार से तीन दिवसीय ई-समिट का आगाज हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन अधिकारियों और उद्यमियों ने छात्रों को सफलता के मूल मंत्र बताए। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की ई-सेल की ओर से किया जा रहा है। अमर उजाला इस कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर है।

विज्ञापन


पहले दिन दो पैनल में चर्चा का आयोजन किया गया। पहले पैनल में पुरुष व दूसरे में महिलाओं ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। विशेषज्ञों ने भारतीय संस्कृति और प्राचीन ग्रंथ व आधुनिक नवाचार पर उनके प्रभाव विषय पर विचार रखे। पैनल में शामिल प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व प्रमुख करनाल सिंह ने छात्रों को महाभारत व रामायण से जोड़ते हुए उद्यमिता के गुर बताए। 

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले यह जरूर सोचें कि इसके लिए  क्या जरूरी है व कौन सा व्यक्ति सही या गलत है। वहीं, रेलवे स्पोर्ट्स प्रोत्साहन बोर्ड के सचिव प्रेम लोचब ने स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि आज के युग में खेल के क्षेत्र में भी स्टार्टअप के कई अवसर पैदा हो रहे हैं। युलु के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत गुप्ता ने कहा कि एक उद्यमी बनने के लिए कई तत्व चाहिए होते हैं, जिसमें जुनून सबसे जरूरी है। एक छात्र के सवाल का जवाब का देते हुए उन्होंने नवाचार व अविष्कार में अंतर बताया।
विज्ञापन


पैनल में शामिल ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय उपभोक्ता कंपनी रेकिट के दक्षिण एशिया के प्रमुख सौरभ श्रीवास्तव ने सफलता के लिए मूल मंत्र बताए। वहीं, नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी तरूण कत्याल ने कहा कि वेद सबसे पहले संबंध व फिर कार्य से जुड़ा हुआ है।  
कार्यक्रम के दूसरे पैनल का विषय उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाएं व उनके सामने आने वाली चुनौतियां व उनके द्वारा पार की गई बाधाओं को लेकर रखा गया था। 

चर्चा के दौरान महिला पेशेवरों ने उद्यमिता के लिए छात्रों को उत्साह बढ़ाया। पैनल में बॉश की प्रमुख प्रतिभा शिरीष ने छात्रों से प्रयास करते हुए अपनी कंपनी में आने के लिए कहा। वहीं, आईपीएस अधिकारी पलका साहनी ने छात्रों को खुद में विश्वास करने के लिए कहा। पैनल में विप्रो की मार्केटिंग निदेशक नमिता तिवारी, एमआइवीआइ की सह संस्थापक मिधुला देवभक्तुनी, पेशेवर प्रशिक्षक तन्वी गोगिया व एक निजी समाचार वेबसाइट की उप संपादक प्रियंका देव मौजूद रही। कार्यक्रम के अंत में यूट्यूबर व लेखन सामग्री निर्माताओं ने अपनी कहानियों को भी साझा किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें