उत्तर-भारत में पराली जलने के बावजूद भी बीते 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर की हवा पर अधिक असर नहीं पड़ा। दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों ने इसके लिए हवाओं की बदली दिशा को जिम्मेदार बताया है। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में भी हवा की सेहत खराब श्रेणी में रहेगी। शुक्रवार से वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की जा सकती है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पंजाब में 1358 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। वहीं, हरियाणा में 84, उत्तरप्रदेश में 48, मध्यप्रदेश में 316 और राजस्थान में 78 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, दिल्ली में एक भी स्थान पर पराली नहीं जली।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में हवा की दिशा पश्चिम व उत्तर-पश्चिम और रफ्तार आठ से 18 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। साथ ही मिक्सिंग हाइट 2250 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 13300 वर्ग मीटर प्रति सेकेेंड दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवाओं की बदली दिशा की वजह से पराली के धुएं की दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में बहुत कम हिस्सेदारी रही। यही वजह रही कि हवा की गुणवत्ता अधिक नहीं बिगड़ी। विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में हवा की दिशा बदलती रहेगी व रफ्तार दो से 14 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है।
वहीं, मिक्सिंग हाइट 1750 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 1200 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है। शुक्रवार को हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम के साथ रफ्तार छह से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है। साथ ही मिक्सिंग हाइट 1500 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 4900 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है।
13.2 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान
नई दिल्ली। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से मैदानी इलाकों में अब ठंड बढ़ने लगेगी। मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में ठंडक के रूप में देखने को मिलेगा। नतीजन, सुबह-शाम सर्दी का अहसास बढ़ेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। वहीं, अगले 48 घंटे में हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिम की ओर होगी। ऐसे में पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाएं दिल्ली-एनसीआर में सुबह-शाम सर्दी का अहसास बढ़ाएंगी। स्काईमेट वेदर के प्रमुख महेश पलावत ने बताया कि आगामी 19 और 20 को पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी का दौर बन रहा है।