पीठ ने कहा कि बोर्ड ने संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसने कड़ा और कृपाण पहनने वाले सिख उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्णय किया है।
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उसने सिख उम्मीदवारों को धातु के कड़े या कृपाण के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का फैसला किया है। साथ ही स्पष्ट किया कि उन्हें रिपोर्टिंग समय से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा।
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मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने डीएसएसएसबी के वकील की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि अब दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) द्वारा दायर याचिका का निस्तारण करने के लिए कोई और आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है।
पीठ ने कहा कि बोर्ड ने संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसने कड़ा और कृपाण पहनने वाले सिख उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्णय किया है। हालांकि ऐसे लोग रिपोर्टिंग समय से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करेंगे अन्यथा उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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अदालत ने कहा दिशानिर्देशों से स्पष्ट है कि अगर जांच के दौरान कोई उम्मीदवार कड़ा या कृपाण में कोई संदिग्ध वस्तु ले जाते हुए पाया जाता है तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।