नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और बेहतर पुलिसिंग का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि कामकाज सुधारने को हर थाने के लिए पांच लक्ष्य तय किए जाएं, ताकि 2022 तक पुलिसिंग और बेहतर हो सके। यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कोरोना योद्धा पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। साथ ही, ई-बीट बुक लांच की। उन्होंने गणमंत्र दिवस की तैयारी और किसान आंदोलन को लेकर उठाए जा रहे कदमों का जायजा भी लिया।
अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचे और 3:30 तक रहे। इस दौरान पूर्व गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी और गृह सचिव अजय भल्ला भी मौजूद थे। कार्यक्रम में शॉर्ट वीडियो के जरिये दिखाया गया कि पुलिस ने कोरोना काल में राशन, खाना और दवाइयां पहुंचाने का काम किस तरह किया। मजदूरों का पलायन रोकने में पुलिस की भूमिका भी बताई गई। कोरोना से 32 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौत हुई है और आठ हजार संक्रमित हुए हैं। काफी संख्या में पुलिसकर्मियों ने प्लाज्मा भी दान किया है। अमित शाह ने कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया और बेहर काम करने वालों को पदोन्नति के स्टार लगाए। उन्होंने पिछले वर्ष आई चुनौतियों का कामयाबी से सामना करने के लिए पुलिस आयुक्त से लेकर सिपाही तक को बधाई दी।
गृह मंत्री ने कहा कि नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और दिल्ली पुलिस में मंगलवार को जो करार हुआ है, वह अपराधियों को सजा दिलाने में सहायता करेगा। उन्होंने बताया कि पहली फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनवाई थी। अपराधी को पकड़ने के साथ सजा दिलाना जरूरी है, ताकि उनमें डर पैदा हो। वैज्ञानिक सबूत अहम होते हैं। दिल्ली पुलिस ने 119 एक्सपर्ट को जोड़ा है, जो बहुत फायदेमंद होगा।
गृह मंत्री ने कहा कि खोए हुए बच्चों को ढूंढने पर प्रमोशन दिया जा रहा है। घर से गायब होने वाले बच्चों का भविष्य खराब हो जाता है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली पुलिस की तारीफ की। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने सेफ सिटी प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी है। इसके तहत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत करीब 15 हजार जगहों पर कैमरे लगाए जाएंगे। इन सभी को दिल्ली पुलिस मुख्यालय से जोड़ा जाएगा। उन्होंने इसके लिए पुलिस आयुक्त से विशेषज्ञों को जोड़ने की बात कही।