मेट्रो सेवा में चार दिन में दूसरी बार व्यवधान के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार को मेट्रो ब्लू लाइन पर ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन वायर (ओएचई) से पक्षी के टकराने के बाद तार टूटने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। तार टूटते ही चिंगारी निकलने लगी। इस वजह से मेट्रो सेवा तीन घंटे तक प्रभावित रही। इससे पहले 6 जून को ब्लू लाइन पर ही पक्षी के टकराने से ओएचई तार टूटने से यात्रियों को डेढ़ घंटे तक परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
ब्लू लाइन पर आई तकनीकी खराबी के कारण बृहस्पतिवार को द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी और वैशाली लाइन पर लोगों को काफी परेशानी हुई। दफ्तरों या जरूरी काम के सिलसिले में मेट्रो में सफर करने वाले गंतव्य पर देरी से पहुंचे। यात्रियों को राहत देने के लिए यमुना बैंक और बाराखंभा मेट्रो स्टेशन के बीच सिंगल लाइन पर मेट्रो का परिचालन किया गया।
ऐसी घटनाएं रोकने की तैयारी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रधान कार्यकारी निदेेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशन) अनुज दयाल ने बताया कि सुबह 6:43 से 9:45 बजे तक सेवाएं प्रभावित रहीं। मेट्रो सेवाएं लगातार प्रभावित होने से डीएमआरसी ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए सिरे से तैयारी शुरू कर दी है।
दूसरे परिवहन का लेना पड़ा सहारा
सुबह के वक्त मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से कई यात्रियों ने दूसरे साधनों को अपनाया। गंतव्य तक जल्दी पहुंचने के लिए मेट्रो को छोड़ ऑटो, कैब सहित दूसरे परिवहन साधनों को अपनाया। तकनीकी खराबी के दौरान उद्घोषणा तो की जा रही थी, लेकिन ठीक होने में लगने वाले वक्त का अंदाजा न होने की वजह से सैकड़ों यात्रियों ने दूसरे विकल्प अपनाए। इस दौरान मेट्रो की रफ्तार प्रभावित हिस्से में काफी धीमी रही।